BY: MOHIT JAIN
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पाने की इच्छा जताई। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने सात बड़े युद्धों और संघर्षों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनमें भारत-पाकिस्तान और थाईलैंड-कंबोडिया शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इनमें से करीब 60% संघर्ष व्यापार के कारण रोके गए। ट्रंप का मानना है कि व्यापार ने देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा दिया और युद्ध की संभावना को कम किया।
व्यापार के जरिए भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोका

अमेरिकी कॉर्नरस्टोन इंस्टीट्यूट के संस्थापक डिनर में बोलते हुए ट्रंप ने कहा,
“हमने भारत और पाकिस्तान, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्धों को रोका। भारत-पाकिस्तान के मामले में व्यापार ने सबसे बड़ा काम किया। दोनों देश व्यापार चाहते थे, और हमने इसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया।”
ट्रंप ने यह भी जोर देकर कहा कि उन्होंने कुल सात संघर्षों को रोका, जिनमें ये शामिल हैं:
- भारत-पाकिस्तान
- थाईलैंड-कंबोडिया
- आर्मेनिया-अजरबैजान
- कोसोवो-सर्बिया
- इजरायल-ईरान
- मिस्र-इथियोपिया
- रवांडा-कांगो
रूस-यूक्रेन संघर्ष और राष्ट्रपति पुतिन के साथ संबंध
ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को हल करने की अपनी कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा,
“मुझे लगा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को हल करना आसान होगा क्योंकि मेरे राष्ट्रपति पुतिन के साथ अच्छे संबंध हैं। लेकिन इसमें निराशा हुई।”
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्हें बताया गया था कि यदि वह रूस-यूक्रेन संघर्ष को सुलझाते हैं तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलेगा, और उन्होंने सवाल उठाया कि बाकी सात युद्धों के लिए क्यों नहीं।
ट्रंप का निष्कर्ष
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि विश्व में अमेरिका की शांति और सम्मान बनाए रखने में उनका योगदान बड़ा रहा, और उनके अनुसार, यह योगदान उन्हें हर युद्ध और संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बनाता है।





