राहुल गांधी की सुरक्षा पर सीआरपीएफ के गंभीर आरोप
by: viajy nandan
दिल्ली: राहुल गांधी सुरक्षा को लेकर कांग्रेस में पहले भी चिंता जताई गई थी और अब रायबरेली की घटना को लेकर भी कांग्रेस में राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर आक्रोश है। दरअसल लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के काफिले को हरचंदपुर में राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह के समर्थकों ने रोका और विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस इसे राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक मान रही है और कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उनका कहना है कि विरोध पूर्व नियोजित था और प्रशासन को इसकी जानकारी होनी चाहिए थी। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और एलआईयू की विफलता पर सवाल उठाया। लेकिन इस बीच सीआरपीएफ के डीजी वीवीआईपी सिक्योरिटी के प्रमुख सुनील जून ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और खुद राहुल गांधी को पत्र लिखा है।
केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा आरोप लगाया है।
सीआरपीएफ के वीवीआईपी सुरक्षा प्रमुख सुनील जून ने 10 सितंबर 2025 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और खुद राहुल गांधी को पत्र लिखकर चेताया कि राहुल गांधी लगातार सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे हैं।

क्यों बढ़ी चिंता
- राहुल गांधी Z+ कैटेगरी और ASL सुरक्षा प्रोटेक्शन में आते हैं।
- ऐसे वीवीआईपी को विदेश यात्रा से 15 दिन पहले सुरक्षा एजेंसी को सूचना देना अनिवार्य है।
- सीआरपीएफ का कहना है कि राहुल गांधी बार-बार बिना सूचना विदेश जाते हैं, जिससे सुरक्षा में मुश्किलें पैदा होती हैं।
9 महीनों में 6 विदेश यात्राएं
सीआरपीएफ के अनुसार राहुल गांधी ने पिछले 9 महीनों में 6 बार सुरक्षा नियम तोड़कर विदेश दौरे किए:
- 30 दिसंबर 2024 – 9 जनवरी 2025 : इटली दौरा
- 12 – 17 मार्च 2025 : वियतनाम दौरा
- 17 – 23 अप्रैल 2025 : दुबई दौरा
- 11 – 18 जून 2025 : दोहा (कतर) दौरा
- 25 जून – 6 जुलाई 2025 : लंदन दौरा
- 4 – 8 सितंबर 2025 : मलेशिया दौरा
इन यात्राओं की पूर्व-सूचना न देने से सीआरपीएफ को सुरक्षा व्यवस्था करने में दिक्कत आई है।

यलो बुक प्रोटोकॉल पर सवाल
सीआरपीएफ ने पत्र में कहा है कि राहुल गांधी ने कई मौकों पर ‘यलो बुक प्रोटोकॉल’ का भी पालन नहीं किया।
यह प्रोटोकॉल वीवीआईपी की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जाता है।
संभावित खतरे की चेतावनी
एजेंसी ने चेताया कि लगातार नियमों की अनदेखी से राहुल गांधी की सुरक्षा को खतरा बढ़ सकता है।
राहुल गांधी देश के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जिनकी सुरक्षा को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर सीआरपीएफ और कांग्रेस के बीच यह विवाद नया मोड़ ले सकता है।
यह मामला सिर्फ प्रोटोकॉल नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और वीवीआईपी संरक्षण से जुड़ा मुद्दा है।





