BY: Yoganand Shrivastva
काठमांडू | नेपाल में लगातार दो दिनों से जारी हिंसा और अराजकता के हालात को नियंत्रित करने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में उपद्रवियों ने सरकारी दफ्तरों, नेताओं के घरों और सार्वजनिक स्थानों पर आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिया। स्थिति बिगड़ने पर नेपाल आर्मी और आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) को सड़कों पर उतार दिया गया है।
देशभर में कर्फ्यू का ऐलान
नेपाल सेना ने बुधवार को सुबह से शाम 5 बजे तक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए और अगले दिन सुबह 6 बजे तक सख्त कर्फ्यू की घोषणा की। सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि इस दौरान किसी भी प्रकार का प्रदर्शन, आगजनी या हिंसा को आपराधिक गतिविधि मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मी, दमकलकर्मी और अन्य आवश्यक सेवाओं को कर्फ्यू से छूट दी गई है।
बख्तरबंद गाड़ियों के साथ सेना की तैनाती
नेपाल में हालात बेकाबू होने के बाद सेना ने कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। राजधानी की सड़कों पर सेना की बख्तरबंद गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा फिलहाल सेना के नियंत्रण में है और हवाई सेवाओं को रोक दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा दे चुके प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अज्ञात स्थान पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। आंदोलनकारियों ने काठमांडू के मेयर बालेन शाह के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनाने की मांग रखी है।
तबाही के निशान मिटाने में जुटी सेना
नेपालगंज सहित कई इलाकों में आर्मी और APF टीमें न केवल गश्त कर रही हैं, बल्कि उपद्रव के बाद सड़कों पर फैली राख और मलबे को भी हटाने में लगी हैं। स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लागू है, हालांकि आपातकालीन सेवाओं को छूट दी गई है।
उपद्रवियों पर कार्रवाई
सेना की तैनाती के साथ ही काठमांडू और अन्य क्षेत्रों में कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। मंगलवार रात 10 बजे से फौज की गतिविधियां तेज हो गईं, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
आर्मी चीफ का राष्ट्र के नाम संदेश
सेना की तैनाती से पहले नेपाल आर्मी के प्रमुख अशोकराज सिग्देल ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने हिंसा कर रहे प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील करते हुए उन्हें शांतिपूर्ण रुख अपनाने का आग्रह किया। इस बीच, काठमांडू और आसपास के क्षेत्रों में हुई झड़पों और आगजनी में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।





