BY: Yoganand Shrivastva
भोपाल: मध्यप्रदेश में आगामी “माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0” की तैयारी जोरों पर है। यह आयोजन 23 अगस्त को कटनी में होगा, जिसका उद्देश्य राज्य के खनिज संसाधनों का समुचित दोहन और निवेश आकर्षित करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने खनिज नीलामी में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। कटनी में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव खनिज उद्योग के विकास और रोजगार सृजन के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इस कॉन्क्लेव में राज्य सरकार की नीतियों, खनिज संसाधनों की उपलब्धता और निवेशकों के लिए अवसरों पर चर्चा की जाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने खनिज उद्योग में पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई पहल की हैं। कटनी में आयोजित होने वाला यह कॉन्क्लेव राज्य के खनिज संसाधनों के समुचित उपयोग और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
आने वाले दिनों में इस कॉन्क्लेव से जुड़ी और अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है, जो राज्य के खनिज उद्योग के भविष्य को आकार देने में सहायक होगी।
कटनी में 23 अगस्त को होने जा रही माइनिंग कॉन्क्लेव के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव माइनिंग कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे।
- 1500 से अधिक निवेशक और नीति निर्माता कॉन्क्लेव में वन-टू-वन चर्चा करेंगे।
- अडानी समूह, बिरला समूह, अल्ट्राटेक समूह सहित कई बड़ी कंपनियां शामिल होंगी।
- जेके सीमेंट ग्रुप, बिरला समूह, अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी प्रमुख कंपनियां भाग लेंगी।
- हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड, मैंगनीज इंडिया, कोल इंडिया लिमिटेड, रेयर अर्थ इंडिया लिमिटेड भी इसमें शामिल होंगे।
- माइनिंग कॉन्क्लेव में खनिज प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
- प्रदर्शनी में खनिज और उससे जुड़े उत्पादन के 25 स्टॉल लगाए जाएंगे।
- कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ACC, Birला, JK व्हाइट सीमेंट जैसी कंपनियां सहयोग करेंगी।
- देशभर की नामी कंपनियों के 12 से अधिक प्रतिनिधि इसमें शामिल होंगे।
- स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रदेशभर के लोगों को रोजगार के अवसर सीधे मिलेंगे।
- माइनिंग कॉन्क्लेव से राज्य शासन को राजस्व में वृद्धि का लाभ मिलने की संभावना है।
- तेल और प्राकृतिक गैस की खोज के लिए प्रदेश में प्रयास जारी हैं।
- 18,547 वर्ग किमी क्षेत्र में पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन लाइसेंस स्वीकृत किए जा चुके हैं।
- पांच ब्लॉकों में खोज कार्य शुरू हो चुका है, और छह अन्य ब्लॉकों में जल्द ही कार्य शुरू होगा।
- चयनित क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन और कोल बेड मीथेन (सीबीएम) के समृद्ध भंडार मिलने की संभावना है।





