अगस्त के आखिरी हफ्ते में मध्यप्रदेश के ज्यादातर हिस्से भीगने वाले हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 21 अगस्त से भोपाल, इंदौर, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।
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इससे पहले भी बारिश का सिलसिला जारी है। मंगलवार को प्रदेश के 9 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?
अगले 24 घंटों के दौरान जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना है, उनमें शामिल हैं:
- अलीराजपुर
- बड़वानी
- खरगोन
- हरदा
- खंडवा
- बुरहानपुर
- बैतूल
- छिंदवाड़ा
- पांढुर्णा
यहां करीब साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है।
21-22 अगस्त को सबसे ज्यादा असर
- मौसम विभाग के अनुसार, 21 और 22 अगस्त को दक्षिणी और पूर्वी मध्यप्रदेश पूरी तरह तरबतर हो जाएगा।
- अभी प्रदेश में एक मानसून टर्फ गुजर रही है, जिसके कारण इंदौर-उज्जैन संभाग में तेज बारिश हो रही है।
- इसके अलावा दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, दो टर्फ और एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव हैं।
- यही कारण है कि आने वाले दिनों में बारिश और तेज होगी।
सोमवार को कहां-कहां बरसे बादल?
सोमवार को प्रदेश में कई जगहों पर बारिश हुई।
- इंदौर – 1 इंच से ज्यादा बारिश
- उज्जैन – करीब 1 इंच
- दमोह – आधा इंच
- भोपाल – दोपहर से रात तक रुक-रुक कर बारिश
इसके अलावा शाजापुर, रतलाम, धार, बैतूल, गुना, रायसेन, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, सतना, उमरिया, देवास, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जैसे जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
बारिश से जुड़े हालात
- जबलपुर – नदी में एक लोडिंग ऑटो बह गया, जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।
- खरगोन – पीपलझोपा क्षेत्र में सिरवेल मार्ग पर जलभराव से लोगों को दिक्कत हुई।
- भोपाल – दिनभर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा।
अब तक कितना बरसा पानी?
- 16 जून को मानसून की आमद के बाद से अब तक औसतन 31.5 इंच बारिश हो चुकी है।
- सामान्य तौर पर इस समय तक 25.6 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
- यानी, 5.9 इंच ज्यादा पानी गिर चुका है।
- प्रदेश की औसत सामान्य बारिश 37 इंच होती है।
- अब तक 85% बारिश हो चुकी है।





