दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और देश के मशहूर पहलवान सुशील कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 13 अगस्त, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनखड़ की हत्या के मुख्य आरोपी सुशील कुमार की जमानत रद्द कर दी है।
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कोर्ट ने सुशील कुमार को एक हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है। यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 4 मार्च को दी गई जमानत को रद्द करता है।
कोर्ट का आदेश और पृष्ठभूमि
- सुप्रीम कोर्ट की पीठ में न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा शामिल थे।
- सागर के पिता अशोक धनखड़ ने हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती दी थी।
- सुप्रीम कोर्ट में सागर के पक्ष में वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ मृदुल पेश हुए।
- सुशील कुमार का पक्ष अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने रखा।
सुशील कुमार 2021 से न्यायिक हिरासत में
सुशील कुमार 2021 से सागर धनखड़ हत्या मामले में न्यायिक हिरासत में थे।
- मार्च में दिल्ली हाई कोर्ट ने मुकदमे की प्रक्रिया में देरी का हवाला देते हुए जमानत दी थी।
- मामले की जांच अभी भी चल रही है, इसलिए कोर्ट ने एक सप्ताह में सरेंडर करने का आदेश दिया है।
सुशील कुमार का ओलंपिक रिकॉर्ड
रेसलिंग की दुनिया में अपना नाम बनाने वाले सुशील कुमार ने भारत के लिए कई उपलब्धियां हासिल की हैं:
- बीजिंग 2008 ओलंपिक – कांस्य पदक
- लंदन 2012 ओलंपिक – रजत पदक
वे दो ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत के पहले पहलवान बने थे।
हालांकि, हत्या के मामले में उनकी कानूनी लड़ाई अब भी जारी है। अब यह देखना अहम होगा कि कोर्ट अगला कदम क्या उठाती है।





