गोवा सरकार ने राज्य के पर्यटन को सिर्फ बीच तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण इलाकों तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने पोरवोरिम के सचिवालय में ‘होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम’ का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और सामुदायिक पर्यटन को प्रोत्साहित करना है।
यह योजना खास तौर पर महिलाओं और युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जिससे वे पर्यटन क्षेत्र में उद्यमिता को अपना कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।
स्कीम का मुख्य उद्देश्य
- ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देना – गांवों और जंगल क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना।
- महिला सशक्तिकरण – होमस्टे ऑपरेटर के रूप में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती – पर्यटन से होने वाली आय को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना।
Pleased to launch two powerful initiatives, the ICT Empowerment Programme to support digital learning among ST and SC communities, and the Mahila Digital Sashaktikaran Yojana focused on advancing digital access and skills for women, in the presence of Hon’ble Minister of IT,… pic.twitter.com/5gVPh8u2hj
— Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) August 7, 2025
‘गोवा बियॉन्ड बीचेस’ विजन का हिस्सा
पर्यटन मंत्री रोहन खौंटे ने बताया कि यह योजना राज्य के “बियॉन्ड बीचेस” विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
- ज्यादातर होमस्टे महिलाओं द्वारा संचालित होते हैं, जिससे उनकी आय और भागीदारी में वृद्धि होगी।
- Airbnb जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ एमओयू (MoU) किए गए हैं ताकि होमस्टे ऑपरेटरों को वैश्विक स्तर पर ग्राहक मिल सकें।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिससे होमस्टे की गुणवत्ता और प्रबंधन बेहतर हो।
स्कीम के तहत मिलने वाले लाभ
राज्य पर्यटन निदेशक केदार नाइक ने इस योजना की मुख्य विशेषताएं साझा कीं:
- आर्थिक सहायता: चयनित होमस्टे को एकमुश्त ₹2 लाख की मदद।
- प्रशिक्षण और कौशल विकास: होमस्टे प्रबंधन, ग्राहक सेवा और मार्केटिंग से जुड़ा प्रशिक्षण।
- मार्केटिंग और प्रचार: राज्य पर्यटन विभाग द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रचार।
- गुणवत्ता वर्गीकरण: होमस्टे की सुविधाओं और सेवाओं के आधार पर मान्यता और रैंकिंग।
- पर्यटन मेलों में रियायती भागीदारी का अवसर।
किन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता?
यह योजना गोवा के चुनिंदा तालुकों पर केंद्रित है:
- सत्तारी
- सांगे
- धारबंदोरा
- बिचोलिम
- काणकोण
- पोंडा
- क्यूपेम
योजना की अवधि 5 साल होगी, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
उद्घाटन समारोह में मौजूद गणमान्य
इस मौके पर बिचोलिम के विधायक चंद्रकांत शेट्ये, मायेम के विधायक प्रेमेंद्र शेट, पर्यटन सचिव संजीव आहूजा सहित कई अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि यह योजना न केवल गोवा के ग्रामीण इलाकों को पर्यटन मानचित्र पर लाएगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी सुधार करेगी।
गोवा की यह ‘होमस्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट स्कीम’ ग्रामीण पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उद्यमिता को एक साथ बढ़ावा देने का बेहतरीन उदाहरण है। यह कदम गोवा को केवल बीच डेस्टिनेशन के बजाय एक सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।





