रिपोर्ट- इमतियाज़ अंसारी
देवतुल्य श्रद्धालुओं के लिए आयोजित राजकीय श्रावणी मेला 2025 की रौनक इस बार और भी भव्य हो गई है। देवघर के शिवलोक परिसर में उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित ‘त्रिलोक दर्शन जीवंत प्रदर्शनी’ का उद्घाटन फीता काटकर किया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ धाम की दिव्यता, महादेव के विभिन्न रूपों, और झारखंड की सांस्कृतिक विविधता से जोड़ना है।
जीवंत कला और संस्कृति का मिला संगम
इस भव्य प्रदर्शनी में:
- बाबा बैद्यनाथ मंदिर का दिव्य प्रारूप तैयार किया गया है, जो शिवभक्तों को मंदिर की आत्मिक अनुभूति प्रदान करता है।
- महादेव के विभिन्न स्वरूपों की झांकियां कलाकारों द्वारा जीवंत रूप में प्रस्तुत की गई हैं।
- झारखंड की संस्कृति, जैसे सरहुल, कर्मा, बंधना, बट सावित्री पूजा, आदि पर्वों के स्टॉल लगाए गए हैं।
उपायुक्त ने इन कलाकृतियों और कलाकारों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी श्रद्धा, कला और सांस्कृतिक बोध का अनुपम संगम है।
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और अनुभूति का प्रयास
उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा—
“राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि श्रद्धालुओं को श्रद्धा, सुविधा और संस्कृति का समन्वित अनुभव मिले। शिवलोक परिसर को इस तरह से विकसित किया गया है कि हर कोई यहां एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा महसूस करे।”
उन्होंने बताया कि:
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मार्गदर्शन केंद्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत संध्या का भी आयोजन किया जा रहा है।
- प्रदर्शनी में प्रकृति पर्वों के महत्व को उजागर किया गया है, जो झारखंड की पारंपरिक जीवनशैली और पर्यावरण प्रेम को दर्शाता है।
प्रदर्शनी बना आस्था और पर्यटन का केंद्र
श्रावणी मेला के दौरान यह त्रिलोक दर्शन प्रदर्शनी न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि देशभर से आने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को बाबाधाम की संस्कृति से जोड़ने का सेतु बन गई है। यह आयोजन झारखंड की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाने के साथ-साथ श्रद्धा और भक्ति के भावों को जीवंत करता है।





