संवाददाता: अविनाश चंद्र
एमसीबी जिले के चिरमिरी हल्दीबाड़ी स्थित एनसीपीएच भवन में गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के सैकड़ों बुद्धिजीवियों और गुरुजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
सैकड़ों गुरुजनों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मंच से क्षेत्र के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित गुरुजनों को साल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समाज के प्रति उनके योगदान को समर्पित था, जिसे उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों की गूंज से सराहा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रखे विचार
मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने गुरु की महत्ता पर गहराई से प्रकाश डाला और कहा कि—
“गुरु ही जीवन का मार्गदर्शक होता है, जो शिष्य के अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उसे संवारता है। चरित्र निर्माण और संस्कार देने का कार्य गुरु ही करता है।”
कार्यक्रम बना प्रेरणा का स्रोत
गुरु पूर्णिमा उत्सव में उपस्थित सभी लोगों ने कार्यक्रम को एक प्रेरणादायक अनुभव बताया। भारत की प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखने का यह प्रयास न केवल सराहनीय था, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक भी।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि आज भी समाज में गुरु को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है, और उनकी भूमिका केवल शिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के निर्माण में अहम होती है।





