भारत में हवाई यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदलने वाला है। जिस तरह आज लोग आसानी से बस पकड़ लेते हैं, आने वाले समय में वैसा ही हवाई सफर करना संभव हो सकता है। एविएशन स्टार्टअप LAT Aerospace का मिशन है — छोटे शहरों और कस्बों को सस्ती और तेज हवाई सेवा से जोड़ना।
इस इनोवेटिव आइडिया को Zomato के को-फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल ने फंडिंग देकर पंख दिए हैं। उन्होंने LAT Aerospace में लगभग 167 करोड़ रुपये ($20 मिलियन) का निवेश किया है।
LAT Aerospace क्या करना चाहती है?
स्टार्टअप का मिशन:
- हवाई यात्रा को सस्ता, आसान, और हर जगह उपलब्ध बनाना।
- टियर-2 और टियर-3 शहरों को मिनी एयरक्राफ्ट्स से जोड़ना।
- बस-स्टॉप जैसे छोटे एयर-स्टॉप्स तैयार करना जहां से उड़ानें शुरू होंगी।
कैसे होंगे ये एयरक्राफ्ट?
- 12 से 24 सीटों वाले Short Takeoff and Landing (STOL) एयरक्राफ्ट।
- पार्किंग लॉट जितनी जगह में बनेंगे माइक्रो एयरपोर्ट्स।
- इनकी रेंज होगी लगभग 1500 किलोमीटर।
भारत में बड़ी एयर स्ट्रिप क्षमता, लेकिन कम उपयोग
भारत के पास 450 से ज्यादा एयरस्ट्रिप्स हैं, पर केवल 150 पर ही नियमित उड़ानें होती हैं। इससे बाकी का इंफ्रास्ट्रक्चर बेकार पड़ा है।
दूसरी ओर, छोटे शहरों के लोग घंटों ट्रेन या बस की यात्रा करते हैं क्योंकि उनके पास हवाई सफर का विकल्प नहीं होता।
सुरभि दास: LAT Aerospace की को-फाउंडर
सुरभि दास, जो Zomato की पूर्व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रही हैं, अब LAT Aerospace की कमान संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि इस स्टार्टअप ने अब तक $50 मिलियन (लगभग 417 करोड़ रुपये) जुटा लिए हैं।
उनका मानना है कि भारत में रीजनल एयर ट्रैवल को बदलना बहुत जरूरी है क्योंकि आज भी यह बहुत महंगा और सीमित है।
LAT Aerospace टीम बना रही है
अब हायरिंग शुरू:
- Aerospace Engineers
- System Designers
- Flight Enthusiasts
सुरभि ने लिंक्डइन पर बताया कि वे ऐसे जुनूनी लोगों की तलाश में हैं जो इस एविएशन मिशन का हिस्सा बनना चाहते हैं।
किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा?
LAT Aerospace को कई रेगुलेटरी और तकनीकी चुनौतियों का सामना करना होगा:
- DGCA अप्रूवल और सख्त सुरक्षा मानक
- यात्रियों का भरोसा जीतना
- एयर इंडिया जैसे हालिया हादसों से उठे सुरक्षा सवाल
एक्सपर्ट्स की राय क्या कहती है?
संजय लजार (एविएशन कंसल्टेंट):
- भारत का एविएशन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है
- अगर LAT छोटे, सस्ते और eVTOL तकनीक से लैस एयरक्राफ्ट लाती है, तो गेमचेंजर साबित हो सकता है
⚠️ परवेज दमणिया (एविएशन एक्सपर्ट):
- अल्ट्रा-लो-कॉस्ट एयरलाइंस का मॉडल अब तक भारत में सफल नहीं हुआ
- फ्यूल, लीज, मेंटेनेंस की लागत डॉलर में होती है, जिससे ऑपरेशन खर्च बढ़ता है
- पायलट की सैलरी भी छोटे-बड़े एयरक्राफ्ट में समान रहती है
समाधान:
- सरकार की सब्सिडी और नई पॉलिसी से बदलाव संभव
कितना सस्ता होगा हवाई सफर?
- इंडिगो जैसी एयरलाइन्स पहले से 500+ शहरों को जोड़ रही हैं
- फिर भी, भारत के केवल 10 में से 1 व्यक्ति ने ही अब तक हवाई सफर किया है
कुशल भाग्या (ऑलइन कैपिटल फाउंडर) के अनुसार:
- अगर eVTOL टेक्नोलॉजी अपनाई जाए, तो हवाई यात्रा की लागत 50-80% तक घट सकती है
- इससे 50 करोड़ भारतीय हवाई यात्रा कर सकेंगे
भारत में एयर ट्रैवल की नई उड़ान
LAT Aerospace का विजन केवल एक स्टार्टअप आइडिया नहीं, बल्कि भारत के रूरल और सेमी-अर्बन इंडिया को हवाई नक्शे पर लाने की कोशिश है। अगर यह मॉडल काम करता है, तो भारत की एक बड़ी आबादी के लिए हवाई यात्रा अब लग्ज़री नहीं, बल्कि एक रोज़मर्रा की सुविधा बन सकती है।





