अमेरिका की टेक दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट एक बार फिर बड़ी छंटनी करने जा रही है। इस बार करीब 9,000 कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है, जो 2025 की दूसरी सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है।
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पहले भी कर चुकी है छंटनी
- मई में कंपनी ने 6,000 कर्मचारियों को निकाल दिया था।
- 2023 में भी करीब 10,000 कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है।
- अबकी बार की छंटनी से माइक्रोसॉफ्ट के कुल वर्कफोर्स का लगभग 4% प्रभावित होगा।
क्यों हो रही है छंटनी?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट लगातार अपने संगठन ढांचे में बदलाव कर रही है ताकि वह तेजी से बदलते बाजार में खुद को और मजबूत कर सके। कंपनी के मुताबिक, यह कदम भविष्य की ग्रोथ और प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी है।
माइक्रोसॉफ्ट के कर्मचारियों की संख्या और इसका असर
- जून 2024 तक माइक्रोसॉफ्ट में 2,28,000 कर्मचारी थे।
- पिछले दो वर्षों में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है।
- यह छंटनी कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में एक मानी जा रही है।
शेयर बाजार में कंपनी का प्रदर्शन
- पिछले एक साल में माइक्रोसॉफ्ट के शेयर में 7% की बढ़ोतरी हुई है।
- साल 2024 में अब तक 17% की तेजी देखी गई है।
- 2 जुलाई को माइक्रोसॉफ्ट का शेयर 491 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था।
अन्य टेक कंपनियों की छंटनी
मेटा ने भी निकाले कर्मचारी
- फेसबुक और व्हाट्सऐप की मूल कंपनी Meta ने भी जनवरी 2024 में 3,600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला।
- यह छंटनी परफॉर्मेंस-बेस्ड जॉब कट पॉलिसी के तहत की गई थी।
- इस कदम से कंपनी के करीब 5% कर्मचारी प्रभावित हुए थे।
माइक्रोसॉफ्ट: एक संक्षिप्त इतिहास
- माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत 1975 में हुई थी, जब लोग टाइपराइटर का इस्तेमाल करते थे।
- इसकी स्थापना बिल गेट्स और उनके बचपन के दोस्त पॉल एलन ने की थी।
- कंपनी का नाम Microprocessors + Software से मिलाकर बनाया गया।
- शुरुआती दौर में माइक्रोसॉफ्ट ने Altair 8800 कंप्यूटर के लिए सॉफ्टवेयर बनाए।
- 1985 में, कंपनी ने पहला ऑपरेटिंग सिस्टम लॉन्च किया था।
माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक कंपनियों में हो रही लगातार छंटनियां यह दिखाती हैं कि तकनीकी दुनिया में प्रतिस्पर्धा और कुशलता को लेकर दबाव कितना अधिक है। जहां एक ओर शेयर बाजार में प्रदर्शन बेहतर हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के लिए अस्थिरता बढ़ती जा रही है।





