पाकिस्तान के बाजौर में भीषण आईईडी ब्लास्ट: असिस्टेंट कमिश्नर समेत 5 की मौत, 11 घायल

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BY: Yoganand Shrivastva

पेशावर, पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिमी इलाके बाजौर में बुधवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ जिसमें असिस्टेंट कमिश्नर फैसल सुल्तान, दो पुलिसकर्मी और एक अन्य अधिकारी सहित कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। घटना में 11 लोग घायल हो गए हैं। यह धमाका खार शहर के मीना ग्राउंड के पास सड़क किनारे बिछाए गए आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हमले का तरीका और टारगेट

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था। नवागई क्षेत्र के असिस्टेंट कमिश्नर फैसल सुल्तान उस वक्त एक प्रशासनिक दौरे पर थे जब उनकी गाड़ी को निशाना बनाकर ब्लास्ट किया गया। घटना खार जिले के मुख्यालय के पास घटी, जो अफगान सीमा के करीब स्थित है और लंबे समय से उग्रवाद और आतंकवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है।मारे गए और घायलों की जानकारी

  • मृतकों में दो पुलिसकर्मी, दो प्रशासनिक अधिकारी और एक आम नागरिक शामिल हैं।
  • घायलों में 11 लोग शामिल हैं, जिन्हें तत्काल खार जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
  • कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

आतंकवादी संदिग्ध और जिम्मेदारी

हालांकि अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर शक जताया जा रहा है।
टीटीपी ने पिछले वर्षों में बार-बार उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में पुलिसकर्मियों, सैन्य ठिकानों और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला सरकारी प्रशासन को डराने और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

क्षेत्रीय और राजनीतिक संदर्भ

बाजौर जिला, जो पहले संघीय प्रशासित कबायली क्षेत्र (FATA) का हिस्सा था, अब खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सम्मिलित किया जा चुका है। इसके बावजूद, यहां आतंकी गतिविधियों में कमी नहीं आई है। अफगानिस्तान से लगी खुली सीमा, टीटीपी और अन्य आतंकवादी संगठनों के लिए आसानी से घुसपैठ का मार्ग बनती है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच

जिला पुलिस अधिकारी (DPO) वकास रफीक ने बताया कि धमाके के बाद पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है और जांच एजेंसियां घटनास्थल पर साक्ष्य इकट्ठा कर रही हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई कि हमले के पीछे एक संगठित आतंकवादी साजिश हो सकती है। विस्फोटक सामग्री स्थानीय तौर पर तैयार की गई थी, जो आईईडी के रूप में सड़क किनारे छुपाई गई थी।

क्या बोले स्थानीय लोग?

स्थानीय लोगों ने घटना के बाद गंभीर आक्रोश व्यक्त किया है। चश्मदीदों के अनुसार, “एक भयानक धमाका हुआ और चारों तरफ धुआं और चीख-पुकार मच गई। हमें लगा जैसे जंग छिड़ गई हो।” कई लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

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