रिपोर्टर: संजू जैन
बेमेतरा में सफाई कर्मचारियों का एक दिवसीय धरना, कहा—15 साल की सेवा का उचित मूल्य दो
बेमेतरा। जिले के जय स्तंभ चौक पर आज छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारियों ने सरकार के सामने अपनी पुरानी मांगों को एक बार फिर जोरदार तरीके से उठाया और चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
15 साल की सेवा, फिर भी न्यूनतम मानदेय से गुजर-बसर
धरना दे रहे कर्मचारियों का कहना है कि वे लगातार 15 वर्षों से शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई स्थायित्व या सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि उन्हें मात्र ₹3000 से ₹3500 प्रतिमाह वेतन मिलता है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद अपमानजनक है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा:
“हम वर्षों से विद्यालयों की साफ-सफाई, बच्चों की देखभाल जैसे कार्य कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमें न तो स्थायी कर रही है और न ही कलेक्टर दर पर वेतन दे रही है।”
कलेक्टर दर पर वेतन और स्थायीत्व की उठाई मांग
प्रदर्शन कर रहे संघ के सदस्यों ने सरकार से मांग की कि—
कलेक्टर दर पर मानदेय सुनिश्चित किया जाए।
स्थायीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो।
भविष्य में सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन के साथ योजनाएं लागू की जाएं।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, सरकार को चेतावनी
धरना प्रदर्शन के बाद जय स्तंभ चौक से रैली निकालकर कर्मचारी कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को जल्द गंभीरता से नहीं लिया, तो आगे राज्यव्यापी उग्र आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
अब सरकार की बारी: क्या सुनेगी अंशकालीन कर्मचारियों की आवाज़?
यह धरना सिर्फ वेतन की मांग नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार की भी पुकार है। अब देखने वाली बात यह होगी कि छत्तीसगढ़ सरकार इन दशकों से सेवा दे रहे कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं।





