मई की भीषण गर्मी का जो इंतज़ार था, वो इस बार बारिश और आंधियों के बीच कहीं खो सा गया। जून की शुरुआत होते ही मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश ने दस्तक दी है, और मौसम का मिजाज लगातार करवट बदल रहा है।
कहां-कहां हुई बारिश?
मंगलवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर और धार जैसे जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर के कुछ इलाकों में भी रिमझिम फुहारें पड़ीं।
- उज्जैन में सुबह 11:45 बजे जोरदार बारिश शुरू हुई, जो लगभग आधे घंटे चली। इसके बाद मौसम खुल गया और धूप निकल आई।
- धार के मनावर क्षेत्र में तेज़ हवाओं के साथ बारिश हुई।
- नीमच के जावद में लगातार दो घंटे बारिश होती रही, जिससे मोरवन नाला ओवरफ्लो कर गया।
- मंदसौर में सुबह 10 बजे से रुक-रुक कर हल्की और तेज बारिश होती रही। खजूरी आंजना गांव के नाले भी उफान पर आ गए।
किन जिलों में है आंधी-बारिश का अलर्ट?
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के 8 जिलों में 60 किमी/घंटा तक की तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 38 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले:
- ग्वालियर
- दतिया
- शिवपुरी
- गुना
- अशोकनगर
- आगर-मालवा
- मंदसौर
- नीमच
बाकी प्रभावित जिले:
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, रीवा, सिंगरौली, बालाघाट, पन्ना, दमोह, छतरपुर, श्योपुर, नरसिंहपुर, खंडवा, बुरहानपुर, झाबुआ समेत कई अन्य जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है।
तापमान में गिरावट, मौसम हुआ सुहावना
बारिश और बादलों की आवाजाही ने गर्मी को थोड़ी राहत दी है। सोमवार को अधिकतम तापमान कुछ इस तरह दर्ज किया गया:
- भोपाल: 36.4°C
- इंदौर: 34.6°C
- ग्वालियर: 38.7°C
- जबलपुर: 37.5°C
- उज्जैन: 36°C
- पचमढ़ी: सबसे ठंडा – 29.8°C
गौरतलब है कि पचमढ़ी में मंगलवार को मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक भी प्रस्तावित है।
क्यों बदला मौसम? जानिए वैज्ञानिक वजह
मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, यह प्री-मानसून एक्टिविटी का असर है। वर्तमान में प्रदेश पर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम सक्रिय हैं। यही कारण है कि कहीं तेज आंधी चल रही है, तो कहीं जमकर बारिश हो रही है।
- यह स्थिति 6 जून तक बनी रह सकती है।
- मानसून की एंट्री 10 जून के बाद ही संभावित है।
- अभी मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर ठहरा हुआ है और आगे नहीं बढ़ रहा।
मई में बारिश के टूटे रिकॉर्ड
इस बार का मई, मध्यप्रदेश के लिए बेहद खास रहा – गर्मी के बजाय बारिश और आंधियों का महीना बन गया।
- पूरे मई में हर दिन किसी न किसी जिले में बारिश या आंधी हुई।
- 53 जिले पूरी तरह भीग गए, सिर्फ निवाड़ी ऐसा जिला रहा जहां सिर्फ बूंदाबांदी हुई, वो भी रिकॉर्ड नहीं हो पाई।
रिकॉर्ड-ब्रेकिंग बारिश:
- इंदौर: 139 साल का रिकॉर्ड टूटा!
- मई 1886: 107.7 मिमी (4.2 इंच)
- मई 2025: 114.8 मिमी (4.6 इंच)
- उज्जैन: अब तक की सबसे अधिक मासिक वर्षा
- मई 2021: 65 मिमी (2.5 इंच)
- मई 2025: 111.8 मिमी (4.3 इंच)
इस बार मई में इतनी गर्मी क्यों नहीं पड़ी?
पिछले वर्षों के मुकाबले, इस साल मई में तापमान अपेक्षाकृत कम रहा:
- अप्रैल में कई शहरों में तापमान 45°C तक गया था।
- मई में किसी भी शहर में पारा 43°C तक नहीं पहुंचा।
- सिर्फ नौगांव, खजुराहो, टीकमगढ़, ग्वालियर जैसे कुछ शहरों में ही 40°C पार हुआ।
कारण क्या रहा?
डॉ. सुरेंद्रन बताती हैं कि लगातार सक्रिय रहे ये तीन बड़े सिस्टम जिम्मेदार हैं:
- साइक्लोनिक सर्कुलेशन
- वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ)
- टर्फ लाइन एक्टिविटी
इन्हीं की वजह से बार-बार बादल छाए, आंधी आई और बारिश हुई – जिससे मई की गर्मी लगभग नदारद हो गई।
मानसून से पहले ही भीग गया मध्यप्रदेश
मौसम ने इस बार खुद ही चौंका दिया। मई की तपिश के बदले ठंडी हवाएं, बारिश और रिकॉर्ड ब्रेकिंग आंकड़े सामने आए। अब जून की शुरुआत में भी यही सिलसिला जारी है। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन और ऐसे ही बीतने वाले हैं। लिहाज़ा, छतरी और बारिश की तैयारी जारी रखें!





