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मेटा के शेयरधारकों ने बिटकॉइन को ट्रेजरी में जोड़ने का प्रस्ताव ठुकराया

बिटकॉइन को ट्रेजरी में

मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. (META), जो फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी कंपनियों का मालिक है, के शेयरधारकों ने कंपनी के ट्रेजरी में बिटकॉइन जोड़ने के प्रस्ताव को भारी बहुमत से नकार दिया है। यह फैसला क्रिप्टोकरेंसी को बड़ी कंपनियों के लिए रिजर्व संपत्ति के रूप में अपनाने को लेकर अभी भी विद्यमान संशय को दर्शाता है।


क्या हुआ?

28 मई 2025 को मेटा ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के साथ अपनी शेयरधारक वोटिंग का परिणाम दर्ज कराया। इसमें पता चला कि बिटकॉइन ट्रेजरी रणनीति के प्रस्ताव को ज़ोरदार विरोध का सामना करना पड़ा।

  • समर्थन में वोट: 3.92 मिलियन (कुल वोटों का मात्र 0.08%)
  • विरोध में वोट: लगभग 5 अरब

इस मतदान के बाद मेटा की $72 बिलियन नकद राशि में से बिटकॉइन में निवेश करने का विचार फिलहाल खारिज हो गया।


प्रस्ताव और इसके प्रस्तावक

यह प्रस्ताव जनवरी 2025 में एथन पेक ने पेश किया था, जो बिटकॉइन के प्रबल समर्थक और वेल्थ मैनेजमेंट फर्म Strive के बिटकॉइन डायरेक्टर हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि:

  • मेटा अपनी नकद संपत्ति का एक हिस्सा बिटकॉइन में निवेश करे।
  • बिटकॉइन को मुद्रास्फीति से बचाव के लिए एक रणनीतिक रिजर्व संपत्ति के रूप में अपनाए।
  • इसे एक “कॉर्पोरेट वॉर चेस्ट” की तरह इस्तेमाल किया जाए ताकि मौद्रिक नीति में अनिश्चितता से बचा जा सके।

कुछ कंपनियां जैसे टेस्ला और माइक्रोस्ट्रैटेजी पहले से ही इस रणनीति को अपना चुकी हैं।


टेक दिग्गजों को लक्षित करता व्यापक अभियान

एथन पेक ने यह प्रस्ताव केवल मेटा के लिए नहीं, बल्कि अन्य तकनीकी दिग्गजों के लिए भी पेश किया:

  • माइक्रोसॉफ्ट (MSFT): यहां भी शेयरधारकों ने प्रस्ताव का विरोध किया।
  • अमेज़न (AMZN): यहां अभी वोटिंग शेष है।

यह दिखाता है कि बिटकॉइन समर्थक बड़ी कंपनियों को क्रिप्टो अपनाने के लिए प्रेरित करने की कोशिश कर रहे हैं।


मेटा का क्रिप्टो के साथ इतिहास

हालांकि मेटा के पास फिलहाल कोई क्रिप्टोकरेंसी नहीं है, लेकिन कंपनी ने ब्लॉकचेन और डिजिटल करेंसी परियोजनाओं में दिलचस्पी ली है:

  • 2019: मेटा ने ‘लिब्रा’ नामक स्टेबलकॉइन प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जो फिएट मुद्राओं के समूह से समर्थित था।
  • 2022: ‘लिब्रा’ को ‘डाइम’ के रूप में पुनःब्रांड किया गया, लेकिन नियामक दबाव और आंतरिक समस्याओं के कारण इसे बंद कर दिया गया।

हाल ही में खबरें आईं कि मेटा अपने ऐप्स के भुगतान के लिए स्टेबलकॉइन पर काम कर रहा है।


मेटा के भविष्य के लिए इसका क्या मतलब?

मेटा का बिटकॉइन ट्रेजरी प्रस्ताव को अस्वीकार करना इस बात का संकेत है कि बड़ी कंपनियां अभी भी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सतर्क हैं।

  • 2021 में फेसबुक से मेटा नामक परिवर्तन के पीछे मेटावर्स का लक्ष्य था, लेकिन हाल के महीनों में इस दिशा में धीमापन आया है।
  • भुगतान और अन्य सेवाओं में स्टेबलकॉइन के उपयोग की संभावना बनी हुई है।
  • वोटिंग के बाद भी कंपनी के शेयरों में स्थिरता रही; शेयर कीमत लगभग $670 पर कारोबार कर रहे हैं।

मुख्य बातें

  • मेटा के शेयरधारकों ने बिटकॉइन ट्रेजरी प्रस्ताव को भारी बहुमत से खारिज कर दिया।
  • कंपनी के पास $72 बिलियन नकद हैं, लेकिन बिटकॉइन में निवेश नहीं करेगी।
  • एथन पेक ने माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न के लिए भी ऐसे प्रस्ताव रखे थे।
  • मेटा का ब्लॉकचेन से जुड़ा इतिहास है, लेकिन वह बड़े पैमाने पर क्रिप्टो अपनाने को लेकर सतर्क है।
  • यह वोट कॉर्पोरेट क्रिप्टो अपनाने में हो रही अनिश्चितता को दर्शाता है।

निवेशकों और क्रिप्टो प्रेमियों के लिए क्या मायने रखता है?

यह फैसला निवेशकों को यह समझाने में मदद करता है कि बिटकॉइन को कॉर्पोरेट खजाने में शामिल करना अब भी चुनौतियों से भरा है।
जबकि कुछ कंपनियां क्रिप्टो को अपनाकर बढ़त बना रही हैं, कई निवेशक अभी भी इसके उतार-चढ़ाव और नियामक जोखिमों को लेकर सावधान हैं।

क्रिप्टो उत्साही लोगों के लिए यह याद दिलाने वाला है कि कॉर्पोरेट दुनिया में क्रिप्टो का व्यापक स्वीकृति प्राप्त करना एक लंबी और जटिल प्रक्रिया है।

मेटा के शेयरधारकों ने Bitcoin ट्रेजरी प्रस्ताव ठुकराया — अब आगे क्या?
यह फैसला डिजिटल संपत्तियों को लेकर कॉर्पोरेट सोच का एक स्पष्ट संकेत है। इस तरह के वोट हमें क्रिप्टो अपनाने के भविष्य की दिशा समझने में मदद करते हैं।

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