एयरलाइंस की राष्ट्रीय भावना से जुड़ा बड़ा फैसला
एयर इंडिया ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी बोइंग 777 विमानों के मेंटेनेंस का कॉन्ट्रैक्ट टर्किश टेक्निक (Turkish Technic) कंपनी से खत्म कर दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब तुर्की के पाकिस्तान के प्रति समर्थन को लेकर भारत में विरोध की भावना तेज हुई है। एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने कहा कि कंपनी भारतीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए अपने फैसले ले रही है।
टर्किश टेक्निक से कॉन्ट्रैक्ट क्यों खत्म किया गया?
- टर्किश टेक्निक एयर इंडिया की बोइंग 777 विमानों का मेंटेनेंस कर रही थी।
- लेकिन हाल ही में पाकिस्तान द्वारा भारत पर हमले में टर्किश ड्रोन्स के उपयोग की खबरें आईं।
- इसके बाद भारत सरकार और देशवासियों की नाराजगी को देखते हुए एयर इंडिया ने यह कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया।
CEO कैंपबेल विल्सन का बयान:
“अगर मौजूदा हालात में बिजनेस जारी रखना मुश्किल हो, तो हमें विकल्प तलाशने होंगे। हम देश की भावनाओं का सम्मान करते हैं।”
अब कहां होगा विमानों का मेंटेनेंस?
वर्तमान में कुछ विमान पहले ही तुर्की में मेंटेनेंस के लिए भेजे जा चुके हैं, लेकिन बाकी विमानों के लिए एयर इंडिया नए विकल्प देख रही है:
- AIESL (एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड) – भारत सरकार की मेंटेनेंस कंपनी
- अबू धाबी – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त MRO हब
- सिंगापुर – उच्च तकनीकी सेवाओं के लिए प्रसिद्ध
इंडिगो भी खत्म करेगी टर्किश एयरलाइंस के साथ डील
सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं, इंडिगो ने भी टर्किश एयरलाइंस के साथ अपने वेट-लीज एग्रीमेंट को धीरे-धीरे खत्म करने का निर्णय लिया है।
DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) का निर्देश:
- टर्किश एयरलाइंस के साथ इंडिगो की लीज डील को अंतिम बार 3 महीने के लिए बढ़ाया गया।
- इसके बाद इसे और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
- इंडिगो से कहा गया है कि वह टर्किश एयरलाइंस के साथ लीज एग्रीमेंट को समाप्त करे।
इंडिगो CEO पीटर एल्बर्स का बयान:
“कंपनी सभी सरकारी नियमों का पालन करेगी और पैसेंजर्स की सुविधा को प्राथमिकता देगी। हम वैकल्पिक व्यवस्था पर काम कर रहे हैं।”
वेट लीजिंग क्या होती है?
- इसमें विमान देने वाली कंपनी ही क्रू, मेंटेनेंस और इंश्योरेंस की जिम्मेदारी लेती है।
- यह एक अस्थायी और सुविधा-आधारित ऑपरेशन होता है।
सेलेबी की सुरक्षा मंजूरी भी हुई रद्द
15 मई को भारत की एविएशन सिक्योरिटी एजेंसी BCAS (Bureau of Civil Aviation Security) ने तुर्की की कंपनी Celebi Airport Services India Pvt. Ltd. की सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी।
कारण:
- तुर्की द्वारा पाकिस्तान का समर्थन
- भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर की गई कार्रवाई की निंदा
BCAS का यह कदम “राष्ट्रीय सुरक्षा के हित” में उठाया गया।





