ईरान ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) द्वारा जारी एक रिपोर्ट को कड़ी आलोचना की है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम के तहत परमाणु नियमों का उल्लंघन किया है। एजेंसी ने कहा कि ईरान ने अपने हथियार बनाने योग्य यूरेनियम का भंडार तेजी से बढ़ाया है। हालांकि, ईरान की सरकार ने इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया और दोहराया कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा है।
IAEA रिपोर्ट में क्या कहा गया?
IAEA की रिपोर्ट ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं हैं, जिनमें मुख्य बिंदु हैं:
- यूरेनियम भंडार में वृद्धि: ईरान ने हथियार बनाने योग्य यूरेनियम का भंडार काफी बढ़ा लिया है, जो लगभग 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त है।
- गैर-घोषित साइट्स: एजेंसी ने कहा कि ईरान ने तीन ऐसी जगहों पर परमाणु सामग्री और गतिविधियों की जानकारी नहीं दी जो पहले घोषित नहीं थीं।
- परमाणु कार्यक्रम की शांति पर संदेह: IAEA ने निष्कर्ष निकाला कि वह यह भरोसा नहीं कर सकता कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।
यह रिपोर्ट आगामी संयुक्त राष्ट्र के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में चर्चा का मुख्य विषय बनेगी।
ईरान का कड़ा जवाब: रिपोर्ट को बताया राजनीतिक शिकार
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरिबाबादी ने IAEA की रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा:
- रिपोर्ट में झूठे आंकड़े: उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट झूठे और “ज़ायोनी शासन” द्वारा दिए गए डेटा पर आधारित है।
- परमाणु हथियारों की मंशा से इनकार: गरिबाबादी ने साफ कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है और न ही कोई छिपी हुई परमाणु गतिविधियां हैं।
- IAEA निगरानी पर भरोसा: उनका कहना था कि जब तक IAEA निगरानी कर रही है, तब तक चिंता की कोई बात नहीं है।
इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने IAEA के निदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी से बात की और उन्हें “वास्तविकताओं को दर्शाने” का आग्रह किया। उन्होंने यूरोपीय पक्षों के “अनुचित कार्यों” के खिलाफ उचित प्रतिक्रिया की चेतावनी भी दी।
कूटनीतिक कोशिशें जारी: ओमान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका वार्ता
IAEA रिपोर्ट के बावजूद, कूटनीतिक बातचीत जारी हैं:
- ओमान द्वारा मध्यस्थता: ईरान और अमेरिका के बीच ओमान मध्यस्थता कर रहा है ताकि नए परमाणु समझौते पर सहमति बन सके।
- अमेरिका का प्रस्ताव: ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि ओमानी विदेश मंत्री ने हाल ही में तेहरान में अमेरिकी प्रस्ताव सौंपा, हालांकि इसके विवरण साझा नहीं किए।
- ट्रम्प प्रशासन की चेतावनी: पिछले महीने, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि यदि ईरान प्रस्ताव स्वीकार करने में देरी करता है तो “कुछ बुरा होगा,” लेकिन उन्होंने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बताया।
आने वाला समय: संयुक्त राष्ट्र की बैठक और वैश्विक असर
अगले सप्ताह होने वाली संयुक्त राष्ट्र की बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा होगी, जिसमें संभावित परिणाम हो सकते हैं:
- संभवत: ईरान के खिलाफ प्रस्ताव: बोर्ड ईरान के परमाणु समझौतों का उल्लंघन करने के आरोप में प्रस्ताव पास कर सकता है।
- संयुक्त राष्ट्र की नई कार्रवाई: इसमें प्रतिबंध या कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की संभावना है।
- क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव: यह विवाद मध्य पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
मुख्य बिंदु
- ईरान ने IAEA की रिपोर्ट को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए परमाणु हथियार बनाने से साफ़ इंकार किया।
- IAEA ने ईरान पर हथियार बनाने योग्य यूरेनियम भंडार बढ़ाने और गैर-घोषित साइट्स की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया।
- ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच नई वार्ता जारी है।
- संयुक्त राष्ट्र की आगामी बैठक में इस मुद्दे पर बड़ा फैसला हो सकता है।
निष्कर्ष: क्यों यह मामला महत्वपूर्ण है?
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही यह गुत्थी न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी अहम है। इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है, जो मध्य पूर्व के राजनीतिक समीकरणों और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को प्रभावित कर सकती है।
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