बीजिंग– चीन ने एक ऐसी खोज की है जो न केवल उसकी अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है, बल्कि उसे दुनिया के सबसे बड़े सोने के भंडार वाले देशों में अग्रणी बना सकती है। चीन के हुनान प्रांत के वांगु गोल्ड फील्ड में वैज्ञानिकों को एक विशाल सोने का भंडार मिला है, जो धरती की सतह से लगभग 9,800 फीट (करीब 3,000 मीटर) नीचे तक फैला हुआ है।
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वांगु गोल्ड फील्ड में कैसे हुई खोज?
चीन के भूवैज्ञानिकों की एक टीम ने पिंगजियांग काउंटी के वांगु गोल्ड फील्ड में गहन शोध और 3D मॉडलिंग के ज़रिए इस सोने के भंडार का पता लगाया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- लगभग 6,600 फीट की गहराई में 40 से अधिक सोने की वेन्स (veins) मिलीं।
- इनसे 330 टन सोने के अयस्क की पहचान हुई।
- पूरी संरचना का विश्लेषण बताता है कि कुल भंडार 1,100 टन तक हो सकता है।
यदि यह आकलन सटीक साबित होता है, तो यह विश्व का सबसे बड़ा सोने का भंडार बन सकता है।
सोने की गुणवत्ता: बेहद उच्च स्तर की
इस भंडार की सबसे खास बात इसकी गुणवत्ता है। रिपोर्ट के अनुसार:
- प्रत्येक मीट्रिक टन अयस्क में औसतन 138 ग्राम सोना पाया गया है।
- यह दर वैश्विक मानकों की तुलना में बेहद उच्च मानी जाती है।
- भूवैज्ञानिक चेन रुलिन के मुताबिक, ड्रिल किए गए रॉक कोर से मिले नमूनों में सोने की प्रचुरता आश्चर्यजनक है।
क्या यह दुनिया की सबसे बड़ी सोने की खान बनेगी?
इस खोज से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आँकड़े:
- वर्तमान में दुनिया की सबसे बड़ी सोने की खान साउथ अफ्रीका की साउथ डीप माइन है, जिसमें लगभग 1,025 टन सोना है।
- वांगु फील्ड का अनुमानित 1,100 टन भंडार इस रिकॉर्ड को पार कर सकता है।
- मूल्य के लिहाज से यह सोना लगभग 83 अरब डॉलर (USD) का हो सकता है।
चीन का गोल्ड रिजर्व: अभी और कितना है?
- चीन के पास अभी 2,264 टन सोना का आधिकारिक भंडार है।
- इस नए भंडार से चीन का गोल्ड रिजर्व काफी तेजी से बढ़ सकता है।
- वर्तमान में अमेरिका सबसे बड़े गोल्ड रिजर्व (8,133 टन) के साथ पहले स्थान पर है, जबकि भारत नौवें स्थान पर है।
चीन का वैश्विक सोना बाजार में योगदान
- चीन का खनन उद्योग वैश्विक सोने के उत्पादन में 10% योगदान देता है।
- 1950 के बाद निकले दो-तिहाई सोने में चीन की भूमिका प्रमुख रही है।
- लगातार बढ़ते गोल्ड रिजर्व और नई खोजों के चलते चीन अब दुनिया का अग्रणी गोल्ड हब बनने की ओर अग्रसर है।





