नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बीच सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने स्पष्ट किया है कि 1 मई 2025 से FASTag सिस्टम बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही, देश भर में टोल प्लाजा बंद करने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, कुछ चुनिंदा जगहों पर बिना बैरियर वाली टोल प्रणाली (barrier-less tolling) का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है।
क्या होगा नई सिस्टम में?
- नई तकनीक ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और FASTag को मिलाकर काम करेगी।
- वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी—कैमरा नंबर प्लेट पढ़कर और FASTag से पेमेंट वेरीफाई करके टोल काट लिया जाएगा।
- जिन वाहनों का FASTag बैलेंस कम होगा या जो चोरी करने की कोशिश करेंगे, उन्हें ई-नोटिस भेजे जाएंगे। बार-बार गलती करने पर FASTag सस्पेंड भी हो सकता है।
अभी पूरे देश में लागू नहीं होगा
मंत्रालय ने साफ किया कि यह सिस्टम अभी सिर्फ कुछ चुनिंदा जगहों पर टेस्ट किया जा रहा है। अगर पायलट सफल रहा, तो भविष्य में इसे पूरे देश में लागू किया जा सकता है।

FASTag क्यों जरूरी है?
फरवरी 2021 से नेशनल हाइवे पर FASTag अनिवार्य है। यह सिस्टम टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम कम करने और ऑनलाइन पेमेंट को आसान बनाने के लिए बनाया गया था।
नोट: अगर आपके पास अभी तक FASTag नहीं है, तो जल्दी बनवा लें—नहीं तो आपको टोल प्लाजा पर डबल चार्ज देना पड़ सकता है!




