एनसीसी की सशक्त भागीदारी: सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन की ओर एक ठोस कदम

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रिपोर्टरः अनिरूद्व सोनोने

अपडेटः योगानंद श्रीवास्तव

भोपाल: देश से सिकल सेल एनीमिया को खत्म करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, मध्य प्रदेश में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के साथ मिलकर एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। यह पहल भारत सरकार द्वारा वर्ष 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से शुरू किए गए “राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन” का हिस्सा है।

क्या है सिकल सेल रोग?

सिकल सेल डिज़ीज़ (SCD) एक अनुवांशिक रोग है, जो शरीर में लाल रक्त कणिकाओं की संरचना को प्रभावित करता है। इसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होती है, जिससे मरीजों को लगातार थकान, तीव्र दर्द, बौना विकास, और अंगों में गंभीर नुकसान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हाल के वर्षों में खासकर मध्य भारत के जनजातीय इलाकों में इस बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे इसकी पहचान और रोकथाम के प्रयासों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

एनसीसी की मुहिम

एनसीसी की युवाओं तक मजबूत पहुंच को देखते हुए, ग्रुप मुख्यालय भोपाल ने जून 2024 से अपने आठ यूनिट्स के ट्रेनिंग कैंप्स में कैडेट्स की स्क्रीनिंग शुरू की। बाद में इस अभियान का दायरा पूरे राज्य के पांचों एनसीसी ग्रुप्स तक फैलाया गया। यह विस्तार एनएचएम के निदेशक और एनसीसी (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़) के अतिरिक्त महानिदेशक के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद संभव हो सका।

विशेषज्ञ नेतृत्व में पहल

इस अभियान का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. सीबीएस डांगी के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो सिकल सेल और थैलेसीमिया के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित विशेषज्ञ हैं। उन्हें इस मिशन के लिए नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके मार्गदर्शन में न केवल मेडिकल स्क्रीनिंग हो रही है, बल्कि युवाओं में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है।

38,000 से अधिक कैडेट्स की जांच

वर्ष 2024-25 के प्रशिक्षण सत्र के समापन तक, मध्य प्रदेश में 38,000 से अधिक एनसीसी कैडेट्स की सफल स्क्रीनिंग की गई। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि युवाओं को समय रहते जानकारी और उपचार देकर इस बीमारी की रोकथाम की जा सकती है।

जागरूकता का अभियान

जांच के साथ-साथ जागरूकता भी इस पहल का एक अहम हिस्सा है। डॉ. डांगी के निर्देशन में विभिन्न प्रशिक्षण कैंपों और संस्थानों में शिक्षात्मक सत्र, व्याख्यान और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। मार्च 2025 में उन्हें ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), कांप्टी में प्रशिक्षु और रिफ्रेशर एनसीसी अधिकारियों को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

भविष्य की योजनाएं

एनसीसी ग्रुप मुख्यालय भोपाल द्वारा जल्द ही एक विशेष सिकल सेल और थैलेसीमिया जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचना और उन्हें इस बीमारी से जुड़ी जानकारी, जांच और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

यह सामूहिक प्रयास न केवल जागरूकता फैलाने में मदद कर रहा है, बल्कि सरकार के 2047 तक सिकल सेल एनीमिया को समाप्त करने के लक्ष्य को साकार करने में भी एक मजबूत कड़ी साबित हो रहा है।

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