देश में वक्फ संबंधी नया कानून अब लागू हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वक्फ संशोधन बिल को मंज़ूरी दे दी है, जिसे “UMEED 2025” नाम दिया गया है।
मुख्य बदलाव:
- अपील का अधिकार: अब संपत्ति मालिक वक्फ ट्रिब्यूनल के अलावा रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट या हाईकोर्ट में भी अपील कर सकेंगे।
- ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती: वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकेगी।
- संपत्ति का दान ज़रूरी: किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति तभी माना जाएगा जब उसे स्पष्ट रूप से दान किया गया हो। मस्जिद होने भर से वह स्वतः वक्फ संपत्ति नहीं बनेगी।
- बोर्ड में विविधता: वक्फ बोर्ड में अब 2 महिलाएँ और 2 अन्य धर्मों के सदस्य शामिल किए जा सकेंगे।
संसद में मतदान:
- राज्यसभा: 12 घंटे से अधिक चर्चा के बाद बिल पारित हुआ। 128 पक्ष और 95 विपक्ष में मतदान हुआ।
- लोकसभा: यहाँ भी लंबी बहस के बाद बिल पास हुआ। 288 पक्ष और 232 विपक्ष में वोट पड़े। विपक्ष द्वारा 150 से अधिक संशोधन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए गए।
देशभर में वक्फ संपत्तियाँ:
सरकारी डेटा के अनुसार, देश में 8,72,328 वक्फ संपत्तियाँ हैं, जिनमें 38 लाख एकड़ से अधिक ज़मीन शामिल है। इनमें से 4,02,000 संपत्तियाँ उपयोग में हैं, लेकिन केवल 9,279 के दस्तावेज़ ही अपलोड किए गए हैं।





