ग्वालियर, 27 मार्च 2025: मध्यप्रदेश में पहली और देश में दूसरी “फ्रूट वेजिटेबल लैब” स्थापित की जाएगी। यह लैब खंडवा कृषि विश्वविद्यालय (राजमाता विजयाराजे कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत) में बनेगी, जहाँ फलों और सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों की जाँच की जाएगी। इसके साथ ही, यहाँ शोध और अध्ययन के लिए छात्रों को भी अवसर मिलेगा।
लैब का उद्देश्य
- फलों और सब्जियों में कीटनाशकों के स्तर का विश्लेषण करना।
- कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों का आकलन करना।
- किसानों और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य उत्पादन के लिए जागरूक करना।

प्रमुख तथ्य
- बजट: ₹2.76 करोड़ (मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत)।
- स्थान: खंडवा कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर।
- देश में पहली ऐसी लैब: गुजरात के आनंद कृषि विश्वविद्यालय में स्थित है।
- कर्मचारी: शुरुआत में 2 वैज्ञानिक, भविष्य में 5 विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
क्यों जरूरी है यह लैब?
कीटनाशकों का अधिक उपयोग कैंसर, लीवर और किडनी की बीमारियों का कारण बन रहा है। इस लैब के माध्यम से:
- खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
- छात्रों को शोध के नए अवसर मिलेंगे।
आगे की योजना
सबसे पहले सब्जी मंडियों से नमूने लेकर उनकी जाँच की जाएगी। इसके बाद कीटनाशक मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार को सुझाव दिए जाएँगे।
यह लैब न केवल कृषि क्षेत्र में एक बड़ा कदम है, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





