पंजाब के एक क्लब और कतर की एक फाउंडेशन ने मिलकर एक अनूठी पहल शुरू की है। पंजाब स्थित वाईएफसी रुरका कलां और कतर की जेनरेशन अमेजिंग फाउंडेशन ने 8 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक बहु-खेल परिसर बनाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह परिसर पंजाब के एक गांव में बनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण बच्चों को मुफ्त खेल सुविधाएं प्रदान करना है। इस परियोजना का पहला चरण इस सप्ताह शुरू हो चुका है, और बुधवार को चंडीगढ़ में आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रोजेक्ट का उद्देश्य और विजन
खेल के माध्यम से सशक्तिकरण
वाईएफसी रुरका कलां के संस्थापक और सीईओ गुरमंगल दास ने बताया कि उनकी संस्था की स्थापना 2001 में हुई थी, और तब से उनका सपना हर गांव के बच्चे को खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का रहा है। पिछले 24 वर्षों में, इस संगठन ने हजारों युवाओं को प्रशिक्षण दिया है। अब, जेनरेशन अमेजिंग फाउंडेशन के सहयोग से, यह परियोजना 10,000 से अधिक बच्चों को मुफ्त कोचिंग और खेल सुविधाएं प्रदान करेगी। दास ने कहा, “हमारा लक्ष्य खेल के जरिए युवाओं को सशक्त बनाना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। यह समझौता हमारे लिए एक नई शुरुआत है।”
कतर फाउंडेशन की भूमिका
जेनरेशन अमेजिंग फाउंडेशन ने 2022 फीफा विश्व कप के दौरान कतर सरकार के साथ काम किया था। यह संगठन अब तक कतर, फिलीपींस, रवांडा और जॉर्डन में काम कर चुका है, और अब भारत में अपनी पहली परियोजना शुरू कर रहा है। फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक जसीम अल-अली ने कहा, “हमारा उद्देश्य हर समुदाय में खेल को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना है। वाईएफसी के साथ हमारी साझेदारी 2017 से शुरू हुई थी, और उनकी सोच हमारे विजन से मेल खाती है।”
खेल परिसर की सुविधाएं
पहला चरण
इस सप्ताह शुरू हुए पहले चरण में 6 एकड़ का खेल मैदान तैयार किया गया है। इसमें शामिल हैं:
- एक फुटबॉल पिच
- 50 स्टेशनों वाला जिम्नेजियम
- टेबल टेनिस और पिकलबॉल के लिए खेल हॉल
- एक सभागार
- 32 बिस्तरों वाला छात्रावास
दूसरा चरण
दूसरे चरण में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जैसे:
- एक इनडोर हॉल
- 2,000-3,000 दर्शकों की क्षमता वाला पवेलियन
- एक स्विमिंग पूल
यह पवेलियन राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल मैचों की मेजबानी के लिए बनाया जाएगा।
कोचिंग और कार्यशालाएं
इस परिसर में वाईएफसी और फाउंडेशन के प्रशिक्षित कोच बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण देंगे। हाल ही में कतर से आए कोच हामिद अब्दुलअज़ीज़ ने 15 स्थानीय कोचों के लिए चार दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें बास्केटबॉल और फुटबॉल पर 12 सत्र शामिल थे।
समारोह में शामिल हस्तियां
पूर्व भारतीय फुटबॉलर का अनुभव
समारोह में पूर्व भारतीय फुटबॉलर अनवर अली मौजूद थे। 32 वर्षीय अली, जो वाईएफसी से निकले पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे, ने कहा, “इस क्लब ने मेरे करियर को आकार दिया। यह नई सुविधा भविष्य के सितारों को तैयार करने में मदद करेगी।”
सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की प्रतिक्रिया
आनंदपुर साहिब के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा, “ऐसे प्रयास समाज में खेल को बढ़ावा देते हैं। मैं वाईएफसी को शुभकामनाएं देता हूं।” डर्बी (यूके) के पूर्व डिप्टी मेयर बलवीर संधू ने भी इस परियोजना को प्रवासी भारतीयों के समर्थन का उदाहरण बताया।
भविष्य की संभावनाएं
यह 8 करोड़ रुपये की परियोजना पंजाब में अपनी तरह की पहली पहल है। इसके जरिए न केवल खेल सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि युवाओं को बेहतर अवसर भी मिलेंगे। गुरमंगल दास ने कहा, “हमारा सपना है कि यह परिसर राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट की मेजबानी करे और पंजाब के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाए।”
निष्कर्ष
पंजाब के वाईएफसी रुरका कलां और कतर की जेनरेशन अमेजिंग फाउंडेशन की यह साझेदारी खेल के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करने जा रही है। यह परियोजना न सिर्फ बच्चों को खेलने का मौका देगी, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगी। यदि आपको इस परियोजना के बारे में और जानकारी चाहिए या कोई विश्लेषण चाहिए, तो मुझे बताएं। मैं आपकी मदद के लिए तैयार हूं!





