MP Politics : ‘सरकार ने खुद लिया संज्ञान, भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा
by: vijay yadav
MP Politics : भोपाल, मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में वित्तीय अनियमितता के मुद्दे पर प्रदेश में तीखी राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। एक दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब भाजपा के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में सरकार ने किसी विपक्षी शिकायत पर नहीं, बल्कि खुद संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई शुरू की है।

MP Politics : ‘कांग्रेस केवल चिल्लाती है, कार्रवाई सरकार ने की’
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के पास केवल झूठे आरोप लगाने और चिल्लाने का काम बचा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस ने इस घोटाले को लेकर कोई औपचारिक लिखित शिकायत की थी? सच्चाई यह है कि भाजपा सरकार के नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) ने स्वतः संज्ञान लिया और ई-नगर पालिका पोर्टल व GeM पोर्टल के आंकड़ों की जांच के बाद सैकड़ों अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू की।
MP Politics : मोहन सरकार में कोई चोर नहीं बचेगा’
विधायक ने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कोई चोर नहीं बचेगा, चाहे वह किसी का भी समर्थक हो या किसी का पाला हुआ हो। जनता के पैसे का इस्तेमाल सिर्फ जनता के विकास और हित में ही होगा।
दोषी पाए जाने वाले सीएमओ और अधिकारियों को न केवल नोटिस दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें सेवा से बर्खास्त (टर्मिनेट) करने और रिकवरी के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही माननीय लोकायुक्त ने भी मामले में स्वतः संज्ञान लेकर अपनी जांच शुरू कर दी है।’
MP Politics : पटवारी पर कसा तंज, ‘खाली बाल्टी कांग्रेस में ही भरो’
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर चुटकी लेते हुए शर्मा ने कहा कि पटवारी की बाल्टी पहले भी खाली थी और आज भी खाली है। बेहतर होगा कि वे अपनी इस खाली बाल्टी को सरकार पर उछालने के बजाय अपनी ही पार्टी कांग्रेस के भीतर भरें।

MP Politics : जीतू पटवारी ने बीजेपी पर लगाए थे आरोप
कटनी पहुंचे जीतू पटवारी ने प्रदेश के नगरीय निकायों और नगर निगमों में सरकारी सामान की खरीदी में घोटालों का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया कि एसीएस स्तर की जांच में 365 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि केवल 7 अधिकारियों को निलंबित किया गया. पटवारी ने सवाल उठाया कि बाकी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
MP Politics : कचरा वाहनों की कीमतों पर उठे थे सवाल
आपको बता दें कि ACS संजय दुबे ने बैठक में कहा था कि कुछ नगरीय निकायों ने डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपए तक के कचरा वाहन खरीदे, जबकि उनके पास इतने वाहन चलाने के लिए पर्याप्त वार्ड नहीं हैं। उन्होंने आशंका जताई कि अतिरिक्त सामान जोड़कर वाहनों की कीमत बढ़ाई गई और अपने लोगों के जरिए खरीदी कराई गई।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि विभाग के पास खरीदी का पूरा ब्योरा है और अब गड़बड़ियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। इस बैठक का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि ACS संजय दुबे के वायरल वीडियो के जरिए सामने आई जानकारी की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।


