by: viay yadav
L Murugan Resignation : नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे की खबर सामने आई है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्रिपरिषद में राज्य मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति भी मांगी है। मुरुगन ने अपने इस फैसले के पीछे तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन के लिए काम करने की इच्छा बताई है।
L Murugan Resignation : 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की तैयारी
एल. मुरुगन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और तमिलनाडु की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही है। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि एक दिहाड़ी मजदूर के बेटे के रूप में शुरुआत करने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में काम करने का अवसर उनके लिए बड़ी उपलब्धि रहा।
मुरुगन ने कहा कि अब वह जमीनी स्तर पर लौटकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ काम करना चाहते हैं। उनका लक्ष्य 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में भाजपा के संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्र को सर्वोपरि रखने और पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करने की बात भी कही।
L Murugan Resignation : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में निभा रहे थे जिम्मेदारी
एल. मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे पहले भी वह केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र से संबंधित जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
केंद्र में मंत्री बनने से पहले मुरुगन राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा, वह तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। पार्टी संगठन में उनके अनुभव को राज्य में भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
L Murugan Resignation : तमिलनाडु की राजनीति पर रहेगा ध्यान
एल. मुरुगन के इस कदम को तमिलनाडु में भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। राज्य में पार्टी की जमीनी पहुंच बढ़ाना और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय मजबूत करना उनके घोषित उद्देश्यों में शामिल है।
मुरुगन ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में केंद्रीय जिम्मेदारियों से मुक्त करने के साथ राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की अनुमति भी मांगी है। उनके अनुरोध पर अंतिम निर्णय और इस्तीफे की औपचारिक स्थिति की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।


