Report: Arun kumar
गोरखपुर में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में शिक्षक सम्मेलन को किया संबोधित, सपा पर लगाए परिवारवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर आरोप
Yogi Adityanath on Samajwadi Party मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसकी राजनीति परिवारवाद और धनकुबेरों तक सीमित होकर रह गई है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा ने एक प्रत्याशी अपने परिवार से और दूसरे को मुंबई के धनाढ्य व्यक्ति के रूप में चुना। मुख्यमंत्री ने पीडीए को लेकर तंज कसते हुए इसे ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताया। उन्होंने कहा कि सपाई गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं और सत्ता में वापसी की उम्मीद कमजोर पड़ने के कारण मनमाने वादे कर रहे हैं।
Yogi Adityanath on Samajwadi Party सोमवार को गोरखपुर में गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में आयोजित शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में समर्थन जुटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की आवाज उठाने के लिए पिछली बार भाजपा ने उनके लिए सीट खाली छोड़ी थी। इस बार माध्यमिक शिक्षक संघ की सहमति से ध्रुव कुमार त्रिपाठी को अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान का उल्लेख करते हुए शिक्षक मतदाताओं तक पहुंचने का आह्वान किया।
सपा के शांति और सुरक्षा के वादों पर योगी का तंज
Yogi Adityanath on Samajwadi Party मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के कानून-व्यवस्था संबंधी दावों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसका शांति और सुरक्षा का भरोसा मगरमच्छ के उस वादे जैसा है, जिसमें वह नदी पार कराने की बात करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के लोग लोगों को सुरक्षित पार लगाने के बजाय उन्हें डुबाने का काम करते हैं।
अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाले अब कालनेमि की तरह राम नाम जप रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर का विरोध करने वाले अयोध्या में दुष्प्रचार कर रहे हैं। ये सभी आरोप मुख्यमंत्री ने राजनीतिक संबोधन के दौरान लगाए।
‘सपा और शिक्षा नदी के दो किनारे’
Yogi Adityanath on Samajwadi Party शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी और शिक्षा नदी के दो किनारे हैं, जो कभी एक नहीं हो सकते। उन्होंने पिछली सरकारों पर नकल और अराजकता को संरक्षण देने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, उस समय शिक्षकों और बेटियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर समस्याएं थीं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में शिक्षकों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि शिक्षकों को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया।
नई पेंशन योजना और कर्मचारियों के खातों का मुद्दा उठाया
Yogi Adityanath on Samajwadi Party मुख्यमंत्री योगी ने नई पेंशन योजना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने योजना लागू तो की, लेकिन कर्मचारियों के खाते खोलने और उनमें अंशदान जमा कराने की व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में कमेटी गठित की गई और वर्ष 2019 की शुरुआत में 10 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराकर 14 लाख कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में जरूरी कदम उठाने से सरकार पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने शिक्षक समुदाय को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान और सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान दिया जाता रहेगा।
शिक्षकों और उनके परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा
Yogi Adityanath on Samajwadi Party शिक्षकों को मिलने वाली सुविधाओं का उल्लेख करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षामित्रों, अनुदेशकों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए सालाना पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उनके अनुसार, इस व्यवस्था में राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित संस्थानों के साथ रसोइयों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री ने दुर्घटना बीमा का जिक्र करते हुए कहा कि बिना वेतन कटौती विभिन्न श्रेणियों में 40 लाख रुपये से लेकर 1.20 करोड़ रुपये तक के बीमा कवर की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इन सुविधाओं को शिक्षक और कर्मचारी कल्याण की दिशा में उठाए गए कदमों के रूप में प्रस्तुत किया।
सभी 75 जिलों के युवाओं को अवसर देने का दावा
Yogi Adityanath on Samajwadi Party मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर नियुक्तियों में पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय आयोगों पर सैफई सिंडिकेट का प्रभाव था और भर्ती प्रक्रिया में रिश्तेदारों को प्राथमिकता देने तथा पैसे लेकर चयन करने जैसी शिकायतें सामने आती थीं।
योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि वर्ष 2017 में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली थे और भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में सभी 75 जिलों के युवाओं को अवसर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का जोर पारदर्शी चयन प्रक्रिया और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने पर है।
शिक्षक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में मतदान की अपील करते हुए शिक्षक समुदाय से संवाद और संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। उनके संबोधन में सपा की राजनीति, पिछली सरकारों की शिक्षा व्यवस्था और मौजूदा सरकार की ओर से शिक्षकों के लिए बताई गई सुविधाएं प्रमुख मुद्दे रहे।
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