BY: Yoganand Shrivastva
PM Modi BRICS Summit शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक सहयोग, तकनीक और आर्थिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को किसी हथियार की तरह इस्तेमाल करना साझा विकास और वैश्विक तरक्की के रास्ते में बाधा बन सकता है। दुनिया को प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा।

विकास और नवाचार पर दिया जोर
PM Modi BRICS Summit प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए तकनीक, नवाचार और संसाधनों तक समान पहुंच बेहद जरूरी है। यदि महत्वपूर्ण खनिजों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग दबाव बनाने या रणनीतिक हथियार के रूप में किया जाएगा तो इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और विकासशील देशों की प्रगति पर पड़ेगा।
BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की पहल
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS देशों के बीच आपसी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, डिजिटल कृषि, नवाचार और तकनीकी साझेदारी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि साझा प्रयासों से सदस्य देशों की आर्थिक क्षमता और विकास की गति को नई मजबूती मिलेगी।

वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने पर बल
PM Modi BRICS Summit प्रधानमंत्री ने कहा कि BRICS देशों की जिम्मेदारी केवल अपने विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक दक्षिण के हितों और चिंताओं को भी प्रभावी ढंग से दुनिया के सामने रखना है। उन्होंने समावेशी विकास, टिकाऊ अर्थव्यवस्था और बहुपक्षीय सहयोग को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
साझा प्रगति के लिए सहयोग ही रास्ता
PM Modi BRICS Summit पीएम मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि वैश्विक चुनौतियों का समाधान टकराव से नहीं बल्कि साझेदारी और विश्वास से निकलेगा। उन्होंने कहा कि तकनीक, संसाधन और नवाचार मानवता के कल्याण के लिए हैं और इन्हें साझा प्रगति का माध्यम बनाया जाना चाहिए।


