Anwar Ibrahim: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का एक इंटरव्यू इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। दिल्ली के एक प्रमुख न्यूज चैनल को दिए गए इस इंटरव्यू की क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो रही है। खास तौर पर पाकिस्तान में इस वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है। इंटरव्यू के दौरान जब इजरायल-हमास संघर्ष और भारत में हुए पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े सवाल पूछे गए, तो अनवर इब्राहिम के जवाबों ने लोगों का ध्यान खींचा।
Anwar Ibrahim: हमास के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई पर क्या बोले अनवर इब्राहिम
इंटरव्यू के दौरान मलेशियाई प्रधानमंत्री से सबसे पहले इजरायल की ओर से हमास के खिलाफ की जा रही सैन्य कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया। उनसे पूछा गया कि क्या वह इजरायल की कार्रवाई को आतंकवादी कार्रवाई या स्टेट टेररिज्म मानते हैं।
इस सवाल के जवाब में अनवर इब्राहिम ने स्पष्ट शब्दों में इसे आतंकवाद और स्टेट टेररिज्म बताया। उन्होंने कहा कि उनके आकलन में यह स्टेट टेररिज्म की श्रेणी में आता है। उनके इस बयान के बाद इंटरव्यू का यह हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
Anwar Ibrahim: पहलगाम हमले और पाकिस्तान को लेकर पूछा गया सीधा सवाल
इसके बाद इंटरव्यू में भारत से जुड़े सबसे संवेदनशील मुद्दों में से एक पहलगाम आतंकी हमला उठाया गया। उनसे पूछा गया कि क्या वह कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और भारत के खिलाफ पाकिस्तान की गतिविधियों को भी स्टेट टेररिज्म मानते हैं।
इस सवाल पर अनवर इब्राहिम ने इजरायल-हमास वाले सवाल की तरह सीधा जवाब देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में इतनी दूर तक जाने के लिए तैयार नहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत में इस मुद्दे को लेकर काफी संवेदनशीलता है।
Anwar Ibrahim: मोदी को करीबी दोस्त बताया, पाकिस्तान से बातचीत का भी किया जिक्र
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह मोदी के करीबी दोस्त हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि मलेशिया पाकिस्तान के साथ भी बातचीत करता है और दोनों देशों के बीच मौजूद मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा सकती है।
अनवर इब्राहिम ने पाकिस्तान के संदर्भ में उसकी सभ्यता, संस्कृति और इतिहास का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि यह एक महान देश है और उसके साथ बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए।
Anwar Ibrahim: इंटरव्यूअर ने कहा- आतंकवाद पर भारत को मिला है दर्द
इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने अनवर इब्राहिम के जवाब को डिप्लोमैटिक बताते हुए दोबारा सवाल किया। उनसे कहा गया कि भारत लंबे समय से आतंकवाद का सामना करता रहा है और हजारों लोग आतंकवादी घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं।
सवाल में पहलगाम हमले का भी संदर्भ दिया गया और कहा गया कि भारत पिछले साल ऐसी स्थिति से गुजरा, जिसे कई लोगों ने युद्ध जैसी परिस्थिति के तौर पर देखा। पत्रकार ने पूछा कि जब भारत आतंकवाद के कारण इतना प्रभावित हुआ है, तो पाकिस्तान की कथित भूमिका की आलोचना करने में मलेशिया उतना स्पष्ट क्यों नहीं है।
Anwar Ibrahim: अनवर इब्राहिम बोले- आरोप के लिए ठोस सबूत होना जरूरी
इस सवाल के जवाब में अनवर इब्राहिम ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले उसके प्रमाण सामने होना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि आतंकवादी घटनाएं नहीं हुईं। उनके मुताबिक, आतंकवादी घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी घटना को सीधे तौर पर स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म यानी सरकार प्रायोजित आतंकवाद कहना तब तक उचित नहीं होगा, जब तक उसके ठोस सबूत न हों।
उन्होंने कहा कि मलेशिया की खुफिया एजेंसियों को भारत के साथ बातचीत के दौरान ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह निश्चित रूप से साबित हो कि पाकिस्तान की ओर से स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म किया जा रहा था।
Anwar Ibrahim: भारत की दी गई जानकारी को खारिज नहीं करते- अनवर इब्राहिम
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने यह भी साफ किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि मलेशिया भारत की ओर से साझा की गई सूचनाओं को नकारता है। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से दी गई जानकारी को वे गंभीरता से देखते हैं और उसका अध्ययन करते हैं।
उन्होंने बताया कि इंटेलिजेंस और डिफेंस से जुड़े मामलों में भारत और मलेशिया के बीच सहयोग अभी भी काफी मजबूत है। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच सुरक्षा से जुड़े मामलों पर बातचीत और सहयोग जारी है।
Anwar Ibrahim: पहलगाम पर बयान से पाकिस्तान में क्यों मची चर्चा
अनवर इब्राहिम के इस इंटरव्यू की सबसे ज्यादा चर्चा उनके पहलगाम हमले से जुड़े जवाब को लेकर हो रही है। जहां उन्होंने इजरायल की कार्रवाई के संदर्भ में स्टेट टेररिज्म शब्द का इस्तेमाल किया, वहीं भारत के संदर्भ में उन्होंने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए ठोस सबूत की जरूरत बताई।
यही अंतर अब सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है। इंटरव्यू की क्लिप को खास तौर पर पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से बड़े स्तर पर शेयर किए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं भारत में इस जवाब को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
Anwar Ibrahim: भारत और मलेशिया के रिश्तों के बीच बयान ने खींचा ध्यान
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मलेशियाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा ऐसे समय हुई है, जब वैश्विक राजनीति के साथ-साथ पश्चिम एशिया और आतंकवाद जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में अनवर इब्राहिम का भारत और पाकिस्तान से जुड़े सवालों पर दिया गया संतुलित जवाब भी कूटनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने एक ओर भारत के साथ गहरे खुफिया और रक्षा सहयोग की बात कही, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के खिलाफ स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म का आरोप लगाने से पहले ठोस प्रमाण की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके इसी रुख ने इंटरव्यू की क्लिप को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना दिया है।


