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Sasaram Kudra River Encroachment: सासाराम में कुदरा नदी पर अतिक्रमण से जलजमाव का संकट, डीएम ने दिए नदी को पुनर्जीवित करने के निर्देश

Report: Avinash Shrivastva

Sasaram Kudra River Encroachment सासाराम में पहाड़ से निकलने वाले बरसाती पानी के कारण लगातार जलजमाव की शिकायतों के बाद रोहतास के डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। जांच के दौरान सामने आया कि कैमूर पहाड़ी से निकलने वाली बरसाती कुदरा नदी अतिक्रमण के कारण अपना अस्तित्व खो चुकी है। नदी के रास्ते पहाड़ का पानी विभिन्न जलाशयों और झीलों तक पहुंचता था, लेकिन अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है।

कुदरा नदी पर अतिक्रमण से बढ़ी जलजमाव की समस्या

Sasaram Kudra River Encroachment डीएम ने अधिकारियों की टीम के साथ उन इलाकों का जायजा लिया, जहां पिछले दिनों पहाड़ से आने वाले पानी के कारण जलजमाव की स्थिति बनी थी। जांच के दौरान पता चला कि कुदरा नदी के कई हिस्सों पर अतिक्रमण कर मकान बनाए गए हैं।

नदी का प्राकृतिक रास्ता बाधित होने के कारण पहाड़ से निकलने वाले पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इसके चलते बरसात के दौरान पानी शहर के कई मोहल्लों में प्रवेश कर जाता है।

अधिकारियों की टीम के साथ डीएम ने लिया जायजा

Sasaram Kudra River Encroachment लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी की समस्या को दूर करने के लिए कुदरा नदी के पुराने रास्ते को पुनर्जीवित करना जरूरी है।

डीएम के मुताबिक नगर निगम और राजस्व विभाग आपसी सामंजस्य के साथ इस मामले में काम करेंगे। नदी के किन हिस्सों में अतिक्रमण है, इसकी जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जल्द हटाया जाएगा अतिक्रमण, नदी को मिलेगा पुराना स्वरूप

Sasaram Kudra River Encroachment डीएम ने बताया कि कुदरा नदी के अस्तित्व को जल्द पुनर्जीवित किया जाएगा। जहां कहीं भी अतिक्रमण पाया जाएगा, उसे समय रहते हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पहाड़ से आने वाले बरसाती पानी की प्राकृतिक निकासी व्यवस्था को बहाल करने पर जोर दिया जाएगा।

प्रशासन के इस कदम से उम्मीद है कि कुदरा नदी का रास्ता बहाल होने के बाद पहाड़ से आने वाले पानी को जलाशयों और झीलों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और शहर के मोहल्लों में होने वाले जलजमाव की समस्या को कम किया जा सकेगा।

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