छत्तीसगढ़ में बढ़ते ऑनलाइन साइबर ठगी के खिलाफ रायपुर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई की हैँ..
छत्तीसगढ़ में म्यूल बैंक अकाउंट धारकों और ठगी में संलिप्त ब्रोकरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी रेड कार्रवाई की। इस कार्रवाई में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, महासमुंद, राजस्थान और उड़ीसा से 62 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 3 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ये आरोपी साइबर अपराध के जरिए देशभर में लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे।
पुलिस ने 40 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसमें लगभग 100 पुलिसकर्मी शामिल थे। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 1435 शिकायतें दर्ज हैं, और ये लोग अब तक 84.88 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके थे। आरोपियों के खातों में ठगी से जुड़े लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि को होल्ड कर दिया गया है।
साइबर क्राइम पोर्टल की रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इन म्यूल अकाउंट धारकों की पहचान की, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था। आरोपियों ने फर्जी बैंक खाते खोलकर इनका इस्तेमाल विभिन्न साइबर अपराधों में किया था, जैसे कि शेयर ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी निवेश, गूगल रिव्यू टास्क शामिल था।
पुलिस ने यह कार्रवाई रेंज साइबर थाना, एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की मदद से की, जिसमें 20 से अधिक टीमें बनाई गईं। ये आरोपी बैंक खातों को रेंट पर देकर और ठगी से प्राप्त रकम का 10 से 20 प्रतिशत कमीशन के आधार पर अन्य ठगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने इन ठगों से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है और आगे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की योजना बनाई है।अब तक की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन ठगों द्वारा कई राज्यों में 1.6 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। आगामी समय में और अधिक गिरफ्तारी की संभावना है, और ठगी से प्रभावित पीड़ितों से संपर्क करके उनकी राशि वापस कराई जाएगी।





