India Palestine Relation: भारत ने फिलिस्तीन को लेकर अपनी लंबे समय से चली आ रही नीति को एक बार फिर स्पष्ट किया है। फिलिस्तीन की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचीं विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने दो-राष्ट्र समाधान के प्रति भारत का समर्थन दोहराया। रामल्लाह में उन्होंने फिलिस्तीन की विदेश और प्रवासी मामलों की मंत्री वारसनेन अगाबेकियान शाहीन से मुलाकात की।
दोनों अधिकारियों के बीच भारत और फिलिस्तीन के द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। बातचीत में गाजा की मौजूदा स्थिति, वहां पैदा हुई मानवीय जरूरतों और फिलिस्तीनी लोगों के साथ भारत की विकास साझेदारी को प्रमुखता दी गई। भारत ने इस दौरान फिलिस्तीनी लोगों के प्रति अपने निरंतर समर्थन को भी रेखांकित किया।
India Palestine Relation: भारत ने दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन की पुष्टि की
रामल्लाह स्थित भारत के प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान भारत ने बातचीत के माध्यम से दो-राष्ट्र समाधान हासिल करने के अपने लंबे समय से चले आ रहे रुख को दोहराया।
इस समाधान के तहत इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के साथ एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना की परिकल्पना की जाती है। भारत लंबे समय से इस दृष्टिकोण का समर्थन करता रहा है और फिलिस्तीन के साथ अपने संबंधों में इस नीति को महत्वपूर्ण स्थान देता है।
India Palestine Relation: गाजा की मानवीय स्थिति पर भारत की चिंता
बैठक में गाजा की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। भारत ने वहां पैदा हुई गंभीर मानवीय परिस्थितियों को लेकर चिंता जताई और जरूरतमंद नागरिकों तक मानवीय सहायता बिना बाधा पहुंचने के महत्व पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने फिलिस्तीन को भारत की ओर से दी जा रही मानवीय और विकास सहायता की भी समीक्षा की। स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में चल रही पहलों को भारत-फिलिस्तीन सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
India Palestine Relation: भारत और फिलिस्तीन के संबंधों पर हुई चर्चा
श्रीप्रिया रंगनाथन और फिलिस्तीनी मंत्री के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों के संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें विकास सहयोग, मानवीय सहायता और फिलिस्तीनी संस्थानों के लिए भारत की ओर से किए जा रहे समर्थन जैसे मुद्दे शामिल रहे।
भारत की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि भविष्य में सहयोग के ऐसे नए क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है, जहां भारत का विकास संबंधी अनुभव फिलिस्तीनी लोगों की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो।
India Palestine Relation: फिलिस्तीन ने भारत के समर्थन के लिए जताया आभार
फिलिस्तीन की मंत्री वारसनेन अगाबेकियान शाहीन ने भारत की ओर से लगातार मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने इस साल जनवरी में अपनी भारत यात्रा का भी उल्लेख किया।
उन्होंने विकास परियोजनाओं, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, छात्रवृत्ति, मानवीय सहायता और फिलिस्तीनी संस्थानों तथा संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों को भारत की ओर से दिए जा रहे योगदान को महत्वपूर्ण बताया। फिलिस्तीनी पक्ष ने दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
India Palestine Relation: स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग
भारत और फिलिस्तीन के बीच विकास साझेदारी में स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की अहम भूमिका रही है। क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण के साथ-साथ छात्रवृत्ति तथा अन्य विकास परियोजनाओं के जरिए भारत फिलिस्तीनी संस्थानों और लोगों के साथ सहयोग करता रहा है।
रामल्लाह में हुई बैठक में इन पहलों की समीक्षा के साथ भविष्य में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने जरूरत के मुताबिक विकास और मानवीय सहायता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
India Palestine Relation: गाजा में शांति प्रयासों के बीच हुई अहम बैठक
भारत और फिलिस्तीन के अधिकारियों की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब गाजा में लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष के बीच शांति, मानवीय राहत और पुनर्निर्माण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास जारी हैं।
ऐसे समय में भारत की ओर से दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन दोहराया जाना उसकी पारंपरिक विदेश नीति के अनुरूप महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। भारत एक ओर इजरायल के साथ अपने रणनीतिक संबंध बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर फिलिस्तीन के स्वतंत्र अस्तित्व और उसके लोगों के विकास एवं मानवीय अधिकारों के समर्थन की बात भी करता रहा है।
India Palestine Relation: भारत-फिलिस्तीन दोस्ती को मजबूत करने पर जोर
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने भारत और फिलिस्तीन के लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को रेखांकित किया। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
श्रीप्रिया रंगनाथन की फिलिस्तीन यात्रा को इसी व्यापक सहयोग के संदर्भ में देखा जा रहा है। यात्रा के दौरान विकास साझेदारी, मानवीय सहायता और भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर हुई चर्चा से भारत-फिलिस्तीन संबंधों को आगे बढ़ाने का संकेत मिला है।




