BY
Yoganand Shrivastava
Putin Iturup Island Visit रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विवादित इटुरुप द्वीप दौरे पर जापान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने इसे “बिल्कुल अस्वीकार्य” बताते हुए कहा कि यह कदम दोनों देशों के संबंधों को और अधिक नुकसान पहुंचाएगा। इटुरुप द्वीप दक्षिणी कुरिल द्वीप समूह का हिस्सा है, जिस पर रूस का नियंत्रण है, जबकि जापान इसे अपना क्षेत्र मानता है।
Putin Iturup Island Visit ‘जापान के दावे के खिलाफ है यह दौरा’
प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा कि इटुरुप सहित चारों विवादित द्वीप ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जापान के मूल क्षेत्र हैं। ऐसे में रूस के राष्ट्रपति का वहां दौरा जापान के लंबे समय से चले आ रहे रुख के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से जापानी नागरिकों की भावनाएं आहत हुई हैं और यह कदम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

Putin Iturup Island Visit दशकों पुराना है कुरिल द्वीप विवाद
कुरिल द्वीप विवाद द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से रूस और जापान के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है। जापान का दावा है कि 1855 की शिमोडा संधि के तहत ये द्वीप उसके अधिकार क्षेत्र में थे, जबकि रूस युद्ध के बाद हुए समझौतों के आधार पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है। इसी विवाद के कारण दोनों देशों के बीच आज तक औपचारिक शांति संधि नहीं हो सकी है।
Putin Iturup Island Visit यूक्रेन युद्ध के बाद और बढ़ी दूरियां
यूक्रेन युद्ध के बाद जापान ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए। जापान का कहना है कि उसने संबंध सुधारने के प्रयास किए, लेकिन पुतिन का इटुरुप दौरा विश्वास बहाली की संभावनाओं को कमजोर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद रूस-जापान संबंधों में सुधार की राह और कठिन हो सकती है।



