Colombia: कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद राहत और बचाव अभियान के दौरान एक नवजात बच्चे को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ लोग ढही हुई इमारत के मलबे को हटाते हुए नजर आ रहे हैं। इसी दौरान उन्हें अंदर एक बच्चे के मौजूद होने की जानकारी मिली।
बताया जा रहा है कि बच्चा भूकंप के बाद इमारत के मलबे में फंस गया था। बचाव में जुटे लोगों ने बिना समय गंवाए हाथों से मलबा हटाना शुरू किया और कुछ देर की कोशिश के बाद बच्चे को बाहर निकाल लिया। बच्चे के जिंदा मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
Colombia: कैली में मलबे के बीच मिला नवजात
रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना कोलंबिया के कैली शहर में हुई। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कई लोग एक क्षतिग्रस्त इमारत के मलबे को हटाते दिखाई देते हैं। बचाव के दौरान वहां मौजूद लोगों ने मलबे के अंदर फंसे एक व्यक्ति से पूछा कि क्या वह अकेला है।
मलबे के भीतर से जवाब मिलने पर पता चला कि उसके साथ एक बच्चा भी मौजूद है। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेजी से मलबा हटाने का काम शुरू किया।
Colombia: मलबे के अंदर से सुनाई दी बच्चे के रोने की आवाज
बचाव अभियान के दौरान जैसे-जैसे मलबा हटाया गया, अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। इससे वहां मौजूद लोगों में उम्मीद जगी कि बच्चा जीवित है।
वीडियो में एक व्यक्ति नवजात को अपनी बाहों में पकड़े हुए दिखाई देता है। बचाव के दौरान उसके हाथों पर चोट के निशान और खून भी नजर आता है। बच्चे के शरीर का कुछ हिस्सा उस समय भी मलबे के बीच फंसा हुआ बताया गया।
Colombia: लोगों ने मिलकर बच्चे को बाहर निकाला
मौके पर मौजूद लोगों ने मिलकर धीरे-धीरे मलबा हटाया और नवजात को बाहर निकाला। बच्चे को सुरक्षित निकालने के बाद पैरामेडिक टीम को बुलाया गया, ताकि उसकी तत्काल जांच और जरूरी उपचार किया जा सके।
बच्चे के जिंदा बाहर आने की खबर मिलते ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने खुशी जाहिर की। इस रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह घटना चर्चा में आ गई है।
Colombia: बच्चे के साथ फंसे व्यक्ति को भी निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान जिस व्यक्ति के साथ बच्चा मलबे में फंसा हुआ था, उसे भी बाहर निकालने की कोशिश की गई। उपलब्ध वीडियो में बचावकर्मी उस व्यक्ति को मलबे से निकालने में मदद करते नजर आते हैं।
रेस्क्यू के दौरान स्थानीय लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मलबा हटाने में बचाव दल का सहयोग किया और अंदर मौजूद लोगों तक पहुंचने की कोशिश की।
Colombia: भूकंप के बाद कोलंबिया में भारी तबाही
कोलंबिया में 10 अगस्त को आए 7.4 तीव्रता के भूकंप ने कई इलाकों को प्रभावित किया। तेज झटकों के कारण इमारतों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। भूकंप के बाद कई स्थानों पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 180 लोगों के हताहत होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।
Colombia: रेस्क्यू वीडियो ने लोगों को किया भावुक
बच्चे को मलबे से बाहर निकालने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आया। वीडियो में दिखाई देने वाले हालात भूकंप की गंभीरता को दर्शाते हैं। मलबे के बीच से बच्चे के रोने की आवाज सुनने के बाद लोगों का तेजी से बचाव कार्य में जुटना इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक हिस्सा रहा।
बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद वहां मौजूद लोगों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिखाई दी। इस रेस्क्यू ने विनाशकारी भूकंप के बीच एक उम्मीद की तस्वीर पेश की है।
Colombia: रेस्क्यू में मदद करने वाले जुलुआगा ने साझा किया अनुभव
ब्रायन ओसोरियो जुलुआगा ने सोशल मीडिया पर इस रेस्क्यू से जुड़े वीडियो साझा किए। उन्होंने बताया कि वह बचाव स्थल तक पहुंचने वाले शुरुआती लोगों में शामिल थे और वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों की मदद करने में जुट गए।
अपने पोस्ट में उन्होंने भूकंप के बाद पैदा हुए हालात को बेहद कठिन बताया। उनके मुताबिक ऐसी आपदा के लिए कोई भी व्यक्ति पूरी तरह तैयार नहीं हो सकता। उन्होंने घटनास्थल पर लोगों को बचाने के प्रयासों में सहयोग किया।
Colombia: राहत और बचाव अभियान जारी
कोलंबिया में भूकंप के बाद कई प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचावकर्मी लगातार अभियान चला रहे हैं।
नवजात बच्चे का सुरक्षित रेस्क्यू इस अभियान के दौरान सामने आई राहत देने वाली घटनाओं में से एक है। हालांकि, भूकंप से प्रभावित अन्य लोगों तक मदद पहुंचाने और संभावित रूप से मलबे में फंसे लोगों की तलाश करना अभी भी बचाव एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।



