Leh: लद्दाख के लेह में गुरुवार सुबह भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। सुबह करीब 6 बजकर 5 मिनट पर महसूस किए गए इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 दर्ज की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र जमीन के करीब 10 किलोमीटर नीचे था। तेज झटके महसूस होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
शुरुआती जानकारी के अनुसार फिलहाल भूकंप के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि, भूकंप की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर संभावित आफ्टरशॉक्स पर बनी हुई है।
Leh: सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटकों से दहशत
लेह में जब भूकंप आया, उस समय सुबह का वक्त था। कुछ लोग अभी सो रहे थे, जबकि कई लोग दिन की शुरुआत कर चुके थे। अचानक धरती हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार झटके इतने स्पष्ट थे कि घर के अंदर मौजूद लोगों को फर्श और इमारत के हिलने का एहसास हुआ। भूकंप के बाद कुछ समय तक लोगों के बीच डर का माहौल बना रहा।
Leh: 5.5 तीव्रता के भूकंप को क्यों माना जाता है महत्वपूर्ण
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता बढ़ने के साथ उसके प्रभाव की संभावना भी बढ़ती है। बहुत कम तीव्रता वाले भूकंप अक्सर लोगों को महसूस भी नहीं होते, जबकि मध्यम और अधिक तीव्रता के झटके इमारतों और अन्य ढांचों पर असर डाल सकते हैं।
5.5 तीव्रता का भूकंप स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है। इसका प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों, भूकंप की गहराई, जमीन की प्रकृति और इमारतों की मजबूती पर भी निर्भर करता है। इसलिए ऐसे झटकों के बाद सावधानी बरतना जरूरी होता है।
Leh: आफ्टरशॉक्स को लेकर लोगों में चिंता
मुख्य भूकंप के बाद छोटे या मध्यम झटके दोबारा महसूस हो सकते हैं, जिन्हें आफ्टरशॉक्स कहा जाता है। इसी आशंका के चलते लेह में कुछ लोग भूकंप के बाद तुरंत घरों के अंदर जाने से बचते नजर आए।
EQ of M: 5.5, On: 13/08/2026 06:05:15 IST, Lat: 36.881 N, Long: 74.402 E, Depth: 10 Km, Location: Leh, Ladakh.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) August 13, 2026
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भूकंप के बाद लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों, बिजली के तारों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखने की जरूरत होती है। यदि दोबारा झटके महसूस हों तो घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहना और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
Leh: भूकंप की तीव्रता को आसान भाषा में समझें
बहुत कम तीव्रता वाले भूकंप आमतौर पर बेहद हल्के होते हैं और कई बार उनका पता केवल संवेदनशील उपकरणों से ही चलता है। जैसे-जैसे तीव्रता बढ़ती है, भूकंप के झटके अधिक लोगों को महसूस होने लगते हैं और नुकसान की संभावना भी बढ़ सकती है।
मध्यम तीव्रता के भूकंप में घरों की खिड़कियां, सामान और कमजोर ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। वहीं बहुत अधिक तीव्रता वाले भूकंप बड़े पैमाने पर इमारतों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
Leh: 7 से अधिक तीव्रता वाले भूकंप बेहद विनाशकारी हो सकते हैं
भूकंप की तीव्रता 7 या उससे अधिक होने पर बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। हालांकि किसी भूकंप से होने वाली तबाही केवल उसकी तीव्रता से तय नहीं होती। भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी, स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियां और निर्माण की गुणवत्ता भी नुकसान को प्रभावित करती हैं।
इसलिए किसी भी क्षेत्र में भूकंप के बाद स्थिति का आकलन स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञ एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर करना अधिक उचित होता है।
Leh: कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप ने मचाई थी तबाही
कुछ दिन पहले कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके बाद बड़े स्तर पर नुकसान की खबरें सामने आई थीं। कई इमारतों के ढहने से मलबे में लोगों के फंसने की स्थिति बनी और राहत एवं बचाव दलों को तलाशी अभियान चलाना पड़ा।
इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि अधिक तीव्रता वाले भूकंप कितनी तेजी से बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे मामलों में राहत और बचाव कार्य के साथ प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है।
Leh: भूकंप के दौरान क्या सावधानी बरतें
भूकंप के झटके महसूस होने पर सबसे पहले घबराने से बचना चाहिए। घर के अंदर होने पर मजबूत मेज या अन्य सुरक्षित स्थान के नीचे जाकर सिर और गर्दन को बचाना बेहतर माना जाता है। खिड़कियों, शीशों और भारी सामान से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
झटके खत्म होने के बाद यदि इमारत में नुकसान दिखाई दे तो बिना जरूरत अंदर वापस जाने से बचना चाहिए। बाहर निकलने की स्थिति में बिजली के तारों, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूरी रखना जरूरी है।
Leh: लेह में स्थिति पर बनी हुई है नजर
लेह में आए भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि 5.5 तीव्रता के झटकों के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की ओर से जारी होने वाले अपडेट महत्वपूर्ण होंगे। स्थानीय लोगों को किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर ध्यान देना चाहिए और दोबारा झटके महसूस होने की स्थिति में सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।



