Rakhi Verma Executive Editor
Uttar Pradesh Politics : उत्तरप्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने है…योगी सरकार की तैयारियां भी जोरदार है…लेकिन हाल ही में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के एक बयान से योगी पूरी ताराग घिरते नजर आ रहे है…दरअसल गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान गोरखपुर में ही प्रशासनिक व्यवस्थाओं और हॉस्टल की कमियों पर आनंदीबेन पटेल ने कड़ी नाराजगी जताई थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र में बिजली, पानी, साफ-सफाई और छात्रावासों में खराब भोजन की गुणवत्ता और नशे के बढ़ते प्रभाव जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। आनंदीबेन ने जिन मुद्दों को उठाया उसने सीधे सवाल मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ पर खड़े किये क्योकि गोरखपुर सीएम योगी का विधानसभा क्षेत्र है…राज्यपाल ने जिस तरह से योगी को बदहाल व्यवस्थाओं के लिए आइना दिखाया उससे पूरे उत्तरप्रदेश और राजनीतिक हलको में एक ही सवाल है की आखिर अपनों में ये दो फाड़ के मायने क्या है ?

Uttar Pradesh Politics : राज्यपाल ने योगी को दिखाया आईना, बदहाल व्यवस्था से कराया सामना
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने ऐसी बात कही है, जिससे विपक्षी पार्टियों को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका मिला है। राज्यपाल पिछले दिनों गोरखपुर गई थीं, जहां चांसलर के नाते उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी में भाषण दिया। अपने भाषण में उन्होंने यूनिवर्सिटी की सुविधाओं पर सवाल उठाया और योगी आदित्यनाथ को भी कठघरे में खड़ा किया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अपनी बात की शुरुआत में ही यह भी कहा कि किसी को बुरी लग सकती है। जाहिर है उनका इशारा मुख्यमंत्री की ओर था।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर तो वह जगह है, जहां स्वंय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विराजमान हैं। फिर भी यूनिवर्सिटी और हॉस्टल की इतनी खराब दशा है। उन्होंने कई कमियां बताईं और सुधार करने को कहा। उत्तरप्रदेश में साढ़े नौ साल से योगी आदित्यनाथ की सरकार है और करीब पांच साल से आनंदी बेन पटेल राज्यपाल हैं। लेकिन छह महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उनका गोरखपुर जाकर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना एक बड़ा संकेत मान जा रहा है….आनंदीबेन ने जिन मुद्दों पर सवाल उठाये डालते है एक नजर….
Uttar Pradesh Politics : राज्यपाल की प्रमुख चिंताएं और बयान
•गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने छात्रावासों का निरीक्षण किया
•उन्होंने बिजली, पानी, साफ-सफाई और खराब भोजन की गुणवत्ता पर खुले तौर पर असंतोष जताया
•हॉस्टलों में बाहरी टिफिन के जरिए नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के पहुंचने की आशंका पर गंभीर चिंता व्यक्त की
•उन्होंने कहा जहां खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विराजमान हैं, वहां ऐसी व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है
•विश्वविद्यालय प्रशासन को अगले तीन महीनों के भीतर सभी व्यवस्थाओं को पूरी तरह
•दुरुस्त करने के निर्देश दिए
इधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि “जो कुर्सी कल जानी है, वह आज ही चली जाए, मुझे इसकी कोई चिंता नहीं है, लेकिन हम जनता की सुनवाई जरूर करेंगे।” हालाँकि सीएम योगी ने यह बयान नोएडा जाने से जुड़े पुराने राजनीतिक अंधविश्वास का जिक्र करते हुए दिया था। लेकिन अपनों से घिरने के बाद ये यहाँ सटीक बैठा |
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को घेरने का मुख्य कारण सरकारी संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कमियों को उजागर करना रहा है। राज्यपाल ने जिस तरह से बदहाल व्यवस्था की कलई खोली उससे शासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं…
इधर विपक्ष को बैठे बिठाये एक बड़ा मुद्दा मिल गया है…जिसे विपक्ष भी पूरी तरह से भुनाने को तैयार है….विपक्षी दलों ने इस बयान को लेकर योगी सरकार के दावों पर कड़ा प्रहार किया है। विपक्ष का कहना है कि जब राज्यपाल स्वयं मुख्यमंत्री के गृह जिले में बदहाल व्यवस्था की पोल खोल रही हैं, तो पूरे प्रदेश में विकास और कानून-व्यवस्था के दावों की सच्चाई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बहरहाल अपनों से घिरे योगी के लिए ये एक बड़ी परीक्षा है…अपने गृह जिले की कमियों को राज्यपाल द्वारा सार्वजानिक होते देख वो बोल तो कुछ नहीं पाए…लेकिन राजनीतिक एजेंडे को जरूर भांप गए होंगे | ऐसे में आगामी चुनाव में इसका कितना असर देखने को मिलेगा ये एक बड़ा सवाल है ? इतना ही नहीं राम मंदिर चंदा चोरी के मामले में किरकिरी झेल चुकी सरकार के लिए राज्यपाल के दागे सवाल किसी अब अग्निपरीक्षा से कम नहीं है….ऐसे में क्या होगा योगी का दांव ये देखने वाली बात होगी |



