Isa Ahmad
Juvenile Home Escape का मामला छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सामने आया है, जहां शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह से आठ अपचारी बालक देर रात फरार हो गए। फरार बालकों को चोरी, आबकारी अधिनियम, गांजा परिवहन और दुष्कर्म जैसे विभिन्न मामलों में किशोर न्याय प्रक्रिया के तहत यहां रखा गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महासमुंद के बरोण्डा बाजार स्थित शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह में घटना के समय कुल 27 अपचारी बालक रह रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तड़के करीब तीन बजे आठ बालकों ने खिड़की की ग्रिल तोड़कर परिसर से फरार होने में सफलता हासिल कर ली।
### Juvenile Home Escape: खिड़की की ग्रिल तोड़कर हुए फरार, कई जिलों के रहने वाले हैं अपचारी बालक
Juvenile Home Escape मामले में मिली जानकारी के अनुसार, फरार बालकों में तीन महासमुंद जिले, एक गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर, दो ओडिशा के कालाहांडी, एक बलौदाबाजार-भाटापारा और एक धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र का निवासी है। घटना की जानकारी मिलते ही बाल संप्रेक्षण गृह की अधीक्षिका ने तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस की रात्रि गश्त करीब ढाई बजे तक हुई थी, जिसके कुछ समय बाद यह घटना हुई।
### Juvenile Home Escape: पुलिस ने शुरू की तलाश, सुरक्षा व्यवस्था की भी होगी जांच
Juvenile Home Escape की सूचना मिलते ही पुलिस ने फरार अपचारी बालकों की तलाश के लिए विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है। साथ ही घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है कि आखिर बालक सुरक्षा व्यवस्था को धता बताकर कैसे फरार हो गए।
पुलिस का कहना है कि फरार बालकों की जल्द गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, इस घटना के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की भी समीक्षा किए जाने की संभावना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।



