रिपोर्ट- राशिद
UP IPS Transfer : लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शासन ने 15 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस बदलाव में राजधानी लखनऊ समेत कई महत्वपूर्ण पुलिस कमिश्नरेट और जोन में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती बदली गई है।
सरकार ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर को नई जिम्मेदारी दी है, जबकि उनकी जगह अब तरुण गाबा को लखनऊ का नया पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं पीयूष मोर्डिया को प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है।

UP IPS Transfer : कई जोन में बदले गए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी
प्रशासनिक फेरबदल के तहत नवीन अरोड़ा को एडीजी वाराणसी जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं राम कुमार को एडीजी गोरखपुर जोन नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा धर्मवीर को आईजी पीएसी पूर्वी जोन प्रयागराज भेजा गया है। विनोद कुमार सिंह को आईजी विशेष जांच, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जोगेंद्र कुमार को आईजी पीटीएस मुरादाबाद नियुक्त किया गया है।
पुलिस विभाग में किए गए इस बदलाव के तहत अनूप कुमार सिंह को एसपी ईओडब्ल्यू बनाया गया है। जबकि आनंद कुमार को एसपी लोक शिकायत, मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। अशोक जैन को आईजी अग्निशमन एवं आपात सेवा मुख्यालय भेजा गया है।
UP IPS Transfer : 2027 विधानसभा चुनाव और कांवड़ यात्रा को लेकर अहम बदलाव
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए यह फेरबदल काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा आने वाले समय में होने वाली कांवड़ यात्रा और बड़े आयोजनों को देखते हुए पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध नियंत्रण को मजबूत करना और पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक सक्रिय बनाना है। लखनऊ जैसे संवेदनशील जिले में नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
UP IPS Transfer : लखनऊ समेत कई अहम स्थानों पर नई जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में पुलिस अधिकारियों के इस बड़े फेरबदल के बाद अब नई तैनातियों के साथ कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों के सामने कई चुनौतियां होंगी। खासतौर पर राजधानी लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पुलिस व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता रहेगी।
प्रशासनिक जानकारों के अनुसार, चुनावी तैयारियों और आगामी बड़े आयोजनों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर इस तरह के बदलाव किए जाते हैं, ताकि पुलिस तंत्र को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाया जा सके।



