Masuleh Village Iran Architecture: अनोखा गांव: जहां जमीन पर सड़कें नहीं, बल्कि लोगों की छतों पर चलती हैं गाड़ियां और राहगीर; देखें ईरान के ‘मसुलेह’ की जादुई दुनिया

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Masuleh Village Iran Architecture

Masuleh Village Iran Architecture क्या आप किसी ऐसी जगह की कल्पना कर सकते हैं जहां कदम रखते ही गाड़ियों का शोर और कंक्रीट की चौड़ी सड़कें गायब हो जाएं, और रास्ते के नाम पर सिर्फ लोगों के घरों की छतें हों? ईरान के पहाड़ों में बसा ‘मसुलेह गांव’ (Masuleh Village) दुनिया के उन चुनिंदा और जादुई स्थानों में से एक है, जहां आज भी पारंपरिक वास्तुकला के कारण सड़कों का कोई नामोनिशान नहीं है। यहां की गलियां वास्तव में नीचे बने घरों की छतें हैं, जो इस पूरी जगह को दुनिया भर के पर्यटकों के लिए बेहद रोमांचक और कौतूहल का विषय बनाती हैं।

Masuleh Village Iran Architecture सीढ़ीनुमा ढलान पर बसे हैं घर— एक का आंगन, दूसरे की छत

ईरान के गिलान प्रांत (Gilan Province) में स्थित मसुलेह गांव की भौगोलिक बुनावट और स्थापत्य कला सदियों पुरानी है। यह पूरा गांव एक तीव्र पहाड़ी ढलान पर सीढ़ीनुमा (Terraced) आकार में बसा हुआ है। इस अनोखे निर्माण की वजह से निचले स्तर पर बने घर की मजबूत छत, ठीक उसके ऊपर बने दूसरे घर के लिए एक आंगन, पैदल रास्ता या सड़क का काम करती है। यहाँ रहने वाले लोग किसी समतल जमीन पर नहीं, बल्कि एक-दूसरे से जुड़े हुए छतों के नेटवर्क के सहारे अपनी पूरी जिंदगी बसर करते हैं।

Masuleh Village Iran Architecture कोहरे की चादर और फेयरीटेल जैसा अहसास— प्रकृति की गोद में सुकुन

मसुलेह गांव का प्राकृतिक परिवेश किसी काल्पनिक लोक (Fairytale) जैसा प्रतीत होता है। जब अलसुबह पहाड़ों से उतरकर कोहरा इस सीढ़ीनुमा गांव को अपनी आगोश में लेता है, तो छतों पर चलने वाले राहगीरों को ऐसा महसूस होता है जैसे वे बादलों के ऊपर सैर कर रहे हों। इस गांव में आधुनिक वाहनों के आने-जाने पर पूरी तरह पाबंदी है, जिसके कारण यहां का वातावरण प्रदूषण-मुक्त और बेहद शांत रहता है। छतों पर बनी छोटी-छोटी दुकानें, पारंपरिक ईरानी कैफे और हस्तशिल्प के बाजार यहां आने वाले मुसाफिरों को एक अलग ही दुनिया का अनुभव कराते हैं।

Masuleh Village Iran Architecture ईरान की ‘राष्ट्रीय धरोहर’— इंसानी सरलता और बेहतरीन आर्किटेक्चर का मेल

आज की भागदौड़ भरी और मशीनी दुनिया में मसुलेह एक ऐसा जीवंत उदाहरण है, जहां पहुंचकर ऐसा लगता है मानो वक्त ठहर सा गया हो। इसकी इसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विशिष्टता को देखते हुए ईरान सरकार ने इसे ‘राष्ट्रीय धरोहर’ (National Heritage) घोषित किया है। यह गांव आधुनिक चकाचौंध से दूर आज भी अपनी प्राचीन जड़ों और सादगी से मजबूती से जुड़ा हुआ है। यदि आप भीड़-भाड़ और प्रदूषण से दूर किसी बेहद शांत, ऐतिहासिक और अचरज से भरी जगह की तलाश में हैं, तो मसुलेह गांव आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

Read this: Kasganj Bus Accident News: कासगंज में भीषण सड़क हादसा: बारातियों से भरी बस बेकाबू होकर खेत में पलटी, 9 घायल; 5 की हालत गंभीर, अलीगढ़ रेफर