Isa Ahmad
Cycle Distribution: साइकिल वितरण योजना राज्य सरकारों की उन महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिनका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत छात्राओं को शिक्षा से जोड़ना और स्कूल आने-जाने में सुविधा उपलब्ध कराना है। लेकिन छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में इस योजना के तहत वितरित की गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
Cycle Distribution: वितरण के तुरंत बाद सामने आई खामियां, कई छात्राओं को साइकिल लेकर सीधे दुकान पहुंचना पड़ा
Cycle Distribution: कांकेर के कन्या शाला स्कूल में आयोजित साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को साइकिलें सौंपी गईं। हालांकि, वितरण के तुरंत बाद कई साइकिलों में तकनीकी खामियां सामने आईं। कुछ साइकिलों के टायरों में हवा नहीं थी, जिसके कारण छात्राओं को पहले घर जाने के बजाय साइकिल मरम्मत या हवा भरवाने की दुकान का रुख करना पड़ा। नई साइकिल मिलने की खुशी के बजाय छात्राओं के चेहरों पर निराशा और चिंता साफ दिखाई दी।
Cycle Distribution: छात्राओं ने जताई नाराजगी, कहा- अच्छी गुणवत्ता की साइकिल की जगह राशि मिलती तो बेहतर विकल्प चुन पाते
छात्राओं ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि यदि शासन-प्रशासन साइकिल देने के बजाय उसकी निर्धारित राशि उपलब्ध कराता, तो वे अपनी पसंद और बेहतर गुणवत्ता वाली साइकिल खरीद सकती थीं। उनका कहना था कि अच्छी और टिकाऊ साइकिल मिलने से स्कूल आने-जाने में वास्तविक सुविधा मिलती, जबकि खराब गुणवत्ता की साइकिलें परेशानी का कारण बन रही हैं।
स्थानीय स्तर पर अब इस मामले को लेकर योजना के क्रियान्वयन और साइकिलों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि वितरण से पहले साइकिलों की गुणवत्ता और तकनीकी जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि छात्राओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है।





