Report: Neha gupta
Bharat Tiwari Encounter Case Bhojpur बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बिलौटी गांव के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले (Bharat Tiwari Encounter Case) में एक नया और बड़ा मोड़ सामने आया है। लंबे समय से न्याय की आस में भटक रहे पीड़ित परिवार ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। मृतक भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने आगामी 9 जुलाई से अपने घर के सामने ही आमरण अनशन (Hunger Strike) पर बैठने की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने प्रशासन के सामने 5 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें एनकाउंटर में शामिल आरोपित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी और गांव के निर्दोष युवकों पर दर्ज मुकदमे वापस लेना शामिल है।
Bharat Tiwari Encounter Case Bhojpur घर के सामने पेड़ के नीचे होगा अनशन, परिवार ने कहा- “मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष”
पीड़ित मां आशा देवी ने मीडिया से बात करते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कानून की ढुलमुल कार्रवाई और आरोपियों को मिल रहे कथित संरक्षण से पूरी तरह टूट चुकी हैं:
“मैं 9 जुलाई से अपने घर के सामने मौजूद पेड़ के पास आमरण अनशन शुरू करने जा रही हूं। जब तक मेरी मांगें पूरी नहीं होतीं और मेरे बेटे के हत्यारों को जेल नहीं भेजा जाता, तब तक यह अनशन जारी रहेगा। आरोपित अधिकारियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए और गांव के युवकों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।”
Bharat Tiwari Encounter Case Bhojpur एसडीएम और एसडीपीओ समेत इन पुलिस अफसरों पर हैं गंभीर आरोप
भरत तिवारी की बहन पूजा देवी ने इस मामले में सीधे तौर पर प्रशासनिक अमले और पुलिस टीम को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने इस कथित फर्जी एनकाउंटर को लेकर निम्नलिखित अधिकारियों व जवानों के खिलाफ तत्काल कठोर दंडात्मक कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है:
- संजीत कुमार (एसडीएम, जगदीशपुर)
- राजेश शर्मा (तत्कालीन एसडीपीओ, जगदीशपुर)
- इंस्पेक्टर राजेश मालाकार (थानाध्यक्ष)
- अंकित आर्यन (सब-इंस्पेक्टर – SI)
- सच्चिदानंद यादव (असिस्टेंट सब-इस्पेक्टर – ASI)
- अक्षय कुमार (एसटीएफ जवान) तथा अन्य सहयोगी।
पूजा देवी ने यह भी मांग रखी है कि इस पूरे मामले की जांच (Investigation Progress) की हर छोटी-बड़ी अपडेट लिखित रूप से पीड़ित परिवार को समय-समय पर मुहैया कराई जाए।
Bharat Tiwari Encounter Case Bhojpur गांव के 50 से अधिक युवकों पर ‘फर्जी मुकदमे’ वापस लेने की मांग
इस मामले का दूसरा बड़ा पहलू ग्रामीणों की प्रताड़ना से जुड़ा है। आशा देवी का आरोप है कि मुख्य घटना के बाद पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने और आवाज दबाने के लिए बिलौटी गांव के कई निर्दोष युवकों को निशाना बनाया है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) में गांव के 14 लोगों को नामजद तथा 50 अज्ञात ग्रामीणों को आरोपी बनाया गया है। पीड़ित परिवार की मांग है कि इन सभी बेबुनियाद मुकदमों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए ताकि स्थानीय युवाओं का भविष्य बर्बाद न हो।
Bharat Tiwari Encounter Case Bhojpur बिना नंबर की संदिग्ध गाड़ी से निगरानी, सुरक्षा पर उठे सवाल
पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और डराने का एक और संगीन आरोप लगाया है।
- संदिग्ध गतिविधि: आशा देवी के मुताबिक, देर रात उनके घर के आसपास बिना नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध काले रंग की गाड़ी लगातार रेकी (निगरानी) कर रही है।
- सुरक्षा की मांग: बहन पूजा देवी ने कहा, “हमारे पूरे परिवार को लगातार जान का खतरा महसूस हो रहा है। हमारी सुरक्षा तुरंत सुनिश्चित की जाए और बिना नंबर की गाड़ी से घूम रहे संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए निष्पक्ष जांच हो।”
इस संवेदनशील मामले में पीड़ित परिवार द्वारा आमरण अनशन की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब देखना होगा कि 9 जुलाई से पहले प्रशासन परिवार को मनाने और निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देने में सफल होता है या नहीं।





