रिपोर्ट: रतन कुमार
Jamtara Cyber Criminals Arrested साइबर अपराध के गढ़ के रूप में कुख्यात झारखंड के जामताड़ा जिले की पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों पर सुनियोजित तरीके से छापेमारी कर तीन शातिर साइबर ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 6 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
Jamtara Cyber Criminals Arrested बांस के झुंड और स्कूल के बरामदे से हुई गिरफ्तारी
बुधवार को जामताड़ा साइबर थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान साइबर डीएसपी अमित कुमार रविदास ने इस पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक (SP) को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।

पुलिस टीम ने दो अलग-अलग जगहों पर दबिश दी:
- पारटोल गांव: करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम पारटोल के पश्चिम में स्थित एक बांस के झुंड के पास से दो अपराधियों को उस समय दबोचा गया जब वे फोन पर ठगी कर रहे थे।
- ताराबहाल गांव: यहाँ के एक उत्क्रमित मध्य विद्यालय के बरामदे में छापेमारी कर तीसरे साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान:
- समीम अंसारी (उम्र 24 वर्ष), निवासी- सुगापहाड़ी, जामताड़ा
- कैफ अंसारी (उम्र 19 वर्ष), निवासी- राजाभीठा, जामताड़ा
- मुस्तकीम अंसारी (उम्र 38 वर्ष), निवासी- बरियारपुर, जामताड़ा
Jamtara Cyber Criminals Arrested ‘ईज़ी माई डील’ एप और फर्जी कैशबैक का मायाजाल
पुलिस पूछताछ और तकनीकी जांच में अपराधियों के ठगी करने के दो अलग-अलग और बेहद शातिर तरीकों (Modus Operandi) का खुलासा हुआ है:

- कैशबैक स्कीम के जरिए ठगी: आरोपी समीम अंसारी और कैफ अंसारी मिलकर ‘ईज़ी माई डील’ (Easy My Deal) एप का इस्तेमाल करते थे। ये लोग आम यूज़र्स को फोनपे (PhonePe) पर ₹1,999 का फर्जी कैशबैक मिलने का मैसेज भेजते थे। जैसे ही कोई यूजर इस झांसे में आकर मैसेज को एक्सेप्ट (स्वीकार) करता था, उसके बैंक खाते से पैसे कटकर सीधे ‘ईज़ी माई डील’ एप में ट्रांसफर हो जाते थे। इसके बाद ये आरोपी उस पैसे से गिफ्ट कार्ड खरीदकर बाजार में कमीशन पर बेच देते थे।
Jamtara Cyber Criminals Arrested एसबीआई का फर्जी अधिकारी बनकर एपीके फाइल से उड़ाते थे रकम
- क्रेडिट कार्ड फ्रॉड: तीसरा आरोपी मुस्तकीम अंसारी खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताता था। वह सीधे लोगों को कॉल कर झांसा देता था कि उनका क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है या नया कार्ड जारी कराना अनिवार्य है। इसके बाद वह पीड़ितों के मोबाइल पर एक संदिग्ध एपीके (.apk) फाइल डाउनलोड करवा देता था। इस फाइल के जरिए वह पीड़ितों के फोन का एक्सेस लेकर क्रेडिट कार्ड से जुड़ी बेहद गोपनीय जानकारियां चुरा लेता था और पलक झपकते ही खाते साफ कर देता था।
पहले भी जेल जा चुका है मुख्य आरोपी: पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी मुस्तकीम अंसारी कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह पहले भी वर्ष 2022 में जामताड़ा साइबर थाना के कांड संख्या 02/22 में जेल जा चुका है और चार्जशीटेड है। इन अपराधियों का नेटवर्क देश के अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 37/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम 2023 की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।





