Report: Ratan kumar
Popular Nursing Home Jamtara झारखंड के जामताड़ा जिला प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी स्वास्थ्य केंद्रों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के जाने-माने ‘पॉपुलर नर्सिंग होम’ में चल रहे सोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) केंद्र को प्रशासनिक टीम ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। यह सख्त कदम पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) अधिनियम के तहत जरूरी दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं और कमियां पाए जाने के बाद उठाया गया है।
Popular Nursing Home Jamtara एसडीओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने मारा छापा
शुक्रवार शाम को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अनंत कुमार के नेतृत्व में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की एक संयुक्त टीम ने पॉपुलर नर्सिंग होम में औचक निरीक्षण किया। टीम ने वहां संचालित हो रहे सोनोग्राफी केंद्र के रजिस्टरों, मरीजों के रिकॉर्ड और कानूनन जरूरी अन्य अभिलेखों की बारीकी से जांच की। इस दौरान पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत जो कागजात ऑन-रिकॉर्ड होने अनिवार्य हैं, वे मौके पर अधूरे मिले। नियमों की इस खुली अनदेखी को देखते हुए अधिकारियों ने बिना देर किए अल्ट्रासाउंड रूम को सील करने का फरमान सुना दिया।
Popular Nursing Home Jamtara आला अधिकारियों की मौजूदगी में हुई जांच
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी की कार्रवाई के दौरान जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मोर्चा संभाले हुए थे। टीम में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निलेश कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनोज महतो और अंचल अधिकारी अविश्वर मुर्मू सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की मौजूदगी में ही सीलिंग की पूरी कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया गया, जिससे अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
Popular Nursing Home Jamtara नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
कार्रवाई की जानकारी देते हुए जामताड़ा के SDO अनंत कुमार ने बताया कि प्रशासन को काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं कि इस केंद्र पर जरूरी वैधानिक दस्तावेजों के बिना ही सोनोग्राफी की जा रही है। जांच में ये शिकायतें सही पाई गईं। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल केंद्र को सील कर दिया गया है और मामले की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नर्सिंग होम के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासन के इस कड़े रुख से जिले के अन्य निजी अस्पतालों को भी नियमों के दायरे में रहकर काम करने का सख्त संदेश गया है।





