Rajya Sabha 2026 : नई दिल्ली/रांची। राज्यसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक बढ़त दर्ज कराई है। झारखंड में हुई वोटिंग के दौरान क्रॉस वोटिंग ने चुनावी समीकरण बदल दिए, जिसके चलते भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत हासिल कर ली। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे।
Rajya Sabha 2026 : झारखंड में बदले चुनावी समीकरण
झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में एक सीट पर JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। दूसरी सीट पर मुकाबला भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के बीच था।
मतदान के दौरान हुई क्रॉस वोटिंग ने परिणाम को पूरी तरह बदल दिया। नाथवानी को 30 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 मत प्राप्त हुए। इस नतीजे ने कांग्रेस खेमे को बड़ा झटका दिया है।
Rajya Sabha 2026 : मिजोरम में भी घोषित हुआ परिणाम
मिजोरम की एक राज्यसभा सीट के लिए भी मतदान कराया गया, जहां सत्तारूढ़ ZPM के उम्मीदवार के. लल्टलुआंगकिमा ने जीत दर्ज की।
Rajya Sabha 2026 : 26 सीटों में NDA को मिली बढ़त
हाल ही में देश के विभिन्न राज्यों में राज्यसभा की कुल 26 सीटों पर चुनाव और उपचुनाव की प्रक्रिया पूरी हुई। इनमें 23 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि झारखंड की दो और मिजोरम की एक सीट पर मतदान कराया गया।
अंतिम नतीजों के अनुसार 26 सीटों में से 19 सीटों पर NDA और भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है, जबकि शेष सीटें विपक्षी दलों और क्षेत्रीय पार्टियों के खाते में गईं।
Rajya Sabha 2026 : निर्विरोध चुने गए प्रमुख उम्मीदवार
इस चुनाव में भाजपा के 12 उम्मीदवार, कांग्रेस के 5, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 3, एनसीपी के 1, एनपीपी के 1 और जनसेना पार्टी के 1 उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे हैं।
जीत दर्ज करने वाले प्रमुख नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा भी शामिल हैं, जो कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।
Rajya Sabha 2026 : राजनीतिक संदेश भी महत्वपूर्ण
राज्यसभा चुनाव के नतीजे केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने विभिन्न राज्यों में दलों की राजनीतिक ताकत और विधायकों की निष्ठा को लेकर भी नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से झारखंड में हुई क्रॉस वोटिंग आने वाले समय में राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे सकती है।

