रिपोर्टर:-रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार के शेखपुरा जिले में शराबबंदी कानून के तहत उत्पाद विभाग द्वारा की गई एक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। शेखोपुरसराय थाना क्षेत्र के डोवाडीह गांव में एक आटा चक्की मिल संचालक की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार (30 मई 2026) को बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता को झूठे मामले में फंसाया है।
Sheikhpura झाड़ियों में मिली थी शराब, मिल संचालक को पुलिस ने उठाया
Sheikhpura कलेक्ट्रेट पहुंचे डोवाडीह गांव के ग्रामीणों ने उत्पाद विभाग की कार्रवाई की क्रोनोलॉजी और अपनी आपत्तियां नीचे लिखे अनुसार दर्ज कराई हैं:
- परिसर के बाहर बरामदगी: ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में स्थित आटा चक्की मिल के पिछले हिस्से में मौजूद लावारिस झाड़ियों से उत्पाद विभाग की टीम ने शराब बरामद की थी।
- जबरन गिरफ्तारी का आरोप: ग्रामीणों का तर्क है कि मिल परिसर के अंदर से शराब या उससे जुड़ा कोई भी संदिग्ध साक्ष्य बरामद नहीं हुआ है। इसके बावजूद उत्पाद विभाग की पुलिस ने मिल संचालक मनोज महतो को जबरन मुख्य आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।
Sheikhpura ‘गांव के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं मनोज महतो’
ग्रामीणों का पक्ष: ज्ञापन सौंपने आए प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि मनोज महतो गांव के एक बेहद प्रतिष्ठित व्यक्ति और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनका शराब के किसी भी अवैध कारोबार या तस्करी सिंडिकेट से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। उत्पाद विभाग ने बिना सोचे-समझे केवल मिल के पास झाड़ियां होने के आधार पर यह एकतरफा कार्रवाई की है।
Sheikhpura एक दिन पहले 2 घंटे तक जाम रहा था बरबीघा-वारिसलीगंज मार्ग
इस गिरफ्तारी को लेकर डोवाडीह गांव के लोगों में बीते 24 घंटे से भारी आक्रोश है:
- हाईवे पर प्रदर्शन: मिल संचालक मनोज महतो को उठाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने एक दिन पूर्व ही बरबीघा-वारिसलीगंज मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर दिया था। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
- पुलिस के आश्वासन पर खुला था जाम: बाद में स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया-बुझाया और मामले की उचित समीक्षा करने का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद यातायात सुचारू कराया था।
Sheikhpura डीएम से रिहाई की गुहार; उत्पाद विभाग पर पहले भी लगे आरोप
कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिला मजिस्ट्रेट (DM) से गुहार लगाई है कि इस मामले की धरातलीय जांच कराई जाए और निर्दोष मिल संचालक को तुरंत रिहा किया जाए। इसके साथ ही ग्रामीणों ने उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय उत्पाद पुलिस द्वारा पूर्व में भी कोटे की पूर्ति करने या दबाव में आकर कई निर्दोष लोगों के खिलाफ इसी तरह की गलत और मनमानी कार्रवाई की गई है, जिससे वास्तविक तस्कर बच निकलते हैं और आम नागरिक परेशान होते हैं।





