Isa Ahmad
AI in Radiology: AI से तेज और सटीक हुआ काम, लेकिन अंतिम निर्णय विशेषज्ञ का
AI in Radiology: जमशेदपुर में आयोजित एक सेमिनार में मुंबई से आईं रेडियोलॉजिस्ट डॉ मालिनी लवांडे ने कहा कि रेडियोलॉजी के क्षेत्र में Artificial Intelligence in Radiology ने कार्यप्रणाली को काफी आसान और तेज बना दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई केवल एक सहायक उपकरण है, जो डॉक्टरों को बेहतर और तेज परिणाम देने में मदद करता है, लेकिन यह खुद कोई निर्णय नहीं ले सकता। अंतिम निर्णय हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर का ही होता है। यह सेमिनार इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें चिकित्सा तकनीक के भविष्य पर चर्चा की गई।
AI in Radiology: आधुनिक मशीनों से बेहतर जांच, रेडिएशन को लेकर भी दी जानकारी
डॉ लवांडे ने बताया कि आज के समय में अल्ट्रासाउंड और एमआरआई जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शरीर की आंतरिक संरचनाओं को बेहद स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे बीमारियों की पहचान अधिक सटीक हो गई है। उन्होंने एक्स-रे और सीटी स्कैन में होने वाले रेडिएशन को लेकर भी भ्रांतियां दूर करते हुए कहा कि इसकी मात्रा बहुत कम होती है और इससे मरीजों पर गंभीर प्रभाव नहीं पड़ता। वहीं अल्ट्रासाउंड को पूरी तरह सुरक्षित बताया, क्योंकि इसमें किसी प्रकार का रेडिएशन नहीं होता।
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कार्यक्रम में Piyush Pandey, Nidhi Dwivedi और Dr. Sahir Pal सहित कई चिकित्सक और विशेषज्ञ मौजूद रहे। सेमिनार में आधुनिक इमेजिंग उपकरणों और एआई आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की गई।





