REPORT BY : AJAY NIGAM
India Post Revenue Growth : वार्षिक समीक्षा बैठक में बड़ा खुलासा
India Post Revenue Growth : ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में डाक विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक में वित्त वर्ष 2025–26 के शानदार आंकड़े सामने आए। विभाग ने ₹15,296 करोड़ का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 16% अधिक है।यह कई वर्षों में पहली बार है जब वृद्धि दर 15% के पार पहुंची है, जो डाक विभाग के तेजी से बदलते स्वरूप को दर्शाता है।

India Post Revenue Growth : पार्सल और CCS बने ग्रोथ के इंजन
India Post Revenue Growth : बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि विभाग के सभी प्रमुख वर्टिकल्स ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन सबसे अधिक योगदान पार्सल और सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (CCS) का रहा।
पार्सल राजस्व : ₹669 करोड़ → ₹1,133 करोड़ (69% वृद्धि)
मेल सेवाएं : ₹2,396 करोड़ → ₹3,202 करोड़ (34% वृद्धि)
CCS : ₹508 करोड़ → ₹864 करोड़ (70% वृद्धि)
इन आंकड़ों से साफ है कि पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ-साथ नई सेवाएं तेजी से विभाग की आय बढ़ा रही हैं।
India Post Revenue Growth : अन्य सेवाओं में भी लगातार वृद्धि
डाक विभाग की अन्य सेवाओं में भी स्थिर और मजबूत वृद्धि देखने को मिली:
POSB : ₹6,888 करोड़ → ₹7,756 करोड़ (13% वृद्धि)
PLI/RPLI : ₹1,171 करोड़ → ₹1,458 करोड़ (25% वृद्धि)
यह दिखाता है कि बचत और बीमा सेवाएं भी विभाग की आय का मजबूत आधार बनी हुई हैं।
India Post Revenue Growth : राजस्थान सबसे आगे
राज्य स्तर पर प्रदर्शन की बात करें तो राजस्थान ने 102% लक्ष्य हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।असम 95% के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बिहार और छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे।

India Post Revenue Growth : लॉजिस्टिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस
सिंधिया ने कहा कि भविष्य में डाक विभाग की ग्रोथ का मुख्य आधार लॉजिस्टिक्स सेक्टर होगा।पार्सल नेटवर्क का विस्तार, ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ साझेदारी और G2C/G2G सेवाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।इसके साथ ही 24 और 48 घंटे की नई स्पीड पोस्ट सेवाओं को शुरू किया गया है, जो एक्सप्रेस डिलीवरी की बढ़ती मांग को पूरा करने में मददगार साबित हो रही हैं।
India Post Revenue Growth : ‘डाक सेवा, जन सेवा’ का बदलता स्वरूप
सिंधिया ने कहा कि डाक विभाग अब केवल पारंपरिक सेवा नहीं रहा, बल्कि यह एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और नागरिक सेवा नेटवर्क के रूप में उभर रहा है।उन्होंने कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे “विकसित भारत” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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