BY
Yoganand Shrivastava
Delhi मध्य-पूर्व में जारी युद्ध ने रविवार को उस वक्त खतरनाक मोड़ ले लिया जब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने इस्फहान परमाणु केंद्र (Isfahan Nuclear Site) के पास अमेरिका के एक C-130 सपोर्ट एयरक्राफ्ट को मार गिराने का दावा किया। पिछले 36 घंटों के भीतर अमेरिकी सेना के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

Delhi परमाणु केंद्र पर 5वां हमला और ईरान की जवाबी कार्रवाई
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की बार-बार की अपीलों को दरकिनार करते हुए अमेरिका और इजरायल ने रविवार को पांचवीं बार इस्फहान स्थित परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया। ईरानी समाचार एजेंसी (IRNA) के अनुसार, इस हमले के दौरान दक्षिणी इस्फहान में तैनात पुलिस विशेष बलों और IRGC की भारी गोलाबारी की चपेट में आकर अमेरिकी C-130 विमान नष्ट हो गया। इससे कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में एक अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया गया है।

Delhi 36 घंटे का ‘ब्लैकआउट’: धराशायी हुए अमेरिकी फाइटर जेट्स
ईरानी दावों के मुताबिक, पिछले 36 घंटों में अमेरिकी वायुसेना को अभूतपूर्व क्षति हुई है। मार गिराए गए विमानों की सूची में शामिल हैं:

- F-35: 01 (अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर)
- F-15: 02
- F-16: 01
- A-10: 01 (एयरक्राफ्ट कैरियर सपोर्ट)
- C-130: 01 (रविवार को इस्फहान में ढेर) इसके अलावा कई हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट करने का दावा किया गया है। राहत की बात यह रही कि लापता चल रहे एक अमेरिकी पायलट को रविवार को सुरक्षित खोज लिया गया है।
Delhi रेडियोएक्टिव विकिरण का खतरा: ‘मिडिल-ईस्ट’ को चेतावनी
परमाणु केंद्र पर हो रहे इन हमलों ने पूरी दुनिया को डरा दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस्फहान पर बार-बार हो रहे हमलों से रेडियोएक्टिव विकिरण (Radioactive Radiation) फैलने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परमाणु रिसाव होता है, तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, ओमान और कतर जैसे पड़ोसी देशों में भी जीवन संकट में पड़ सकता है।





