BY
Yoganand Shrivastava
Narnaul हरियाणा के बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही ने यूथ कांग्रेस के जिला प्रधान को हिला कर रख दिया है। नारनौल के हसनपुर निवासी पुनीत बुलाना के घर का बिजली बिल इस बार हजारों या लाखों में नहीं, बल्कि सीधे 78 करोड़ 92 लाख रुपये आया है। मोबाइल पर बिल का मैसेज देखते ही परिवार के होश उड़ गए और अब यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
Narnaul 6 दिन की रीडिंग और 10 करोड़ यूनिट का ‘जादू’
हैरानी की बात यह है कि विभाग ने यह भारी-भरकम बिल केवल 6 दिनों की मीटर रीडिंग (15 मार्च से 21 मार्च 2026) के आधार पर जारी किया है। बिल के आंकड़ों के अनुसार, इस छोटी सी अवधि में उपभोक्ता ने 9,99,99,429 यूनिट बिजली खर्च कर डाली, जो व्यावहारिक रूप से किसी भी घरेलू या छोटे व्यावसायिक कनेक्शन के लिए असंभव है। पुनीत बुलाना का कहना है कि उनकी मां बिमला देवी के नाम पर 10 किलोवाट का कनेक्शन है, जिससे जुड़ी आटा चक्की भी पिछले दो साल से बंद पड़ी है।
Narnaul 71 करोड़ एनर्जी चार्ज और 1.5 करोड़ का टैक्स
विभाग द्वारा जारी इस बिल का गणित भी काफी चौंकाने वाला है। कुल देय राशि ₹78,92,75,697 में से केवल एनर्जी चार्ज ही ₹71,69,95,908 दिखाया गया है। इसके अलावा, म्युनिसिपल टैक्स के रूप में ₹1,52,79,316 की मांग की गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि पिछला बिल लगभग ₹63,546 था, जिसका भुगतान समय पर किया गया था। अब बिल भरने की अंतिम तिथि 8 अप्रैल 2026 तय की गई है, और यदि भुगतान नहीं हुआ, तो सरचार्ज लगकर यह राशि 80 करोड़ के पार पहुँच जाएगी।
Narnaul तकनीकी खामी या राजनीतिक साजिश?
कांग्रेस नेता पुनीत बुलाना ने आरोप लगाया है कि इतना बड़ा बिल तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि सरकार द्वारा उन्हें परेशान करने की एक जानबूझकर की गई कोशिश हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह सॉफ्टवेयर में आई किसी तकनीकी खराबी या डेटा एंट्री के दौरान हुई मानवीय त्रुटि का परिणाम है। फिलहाल बिजली निगम के उच्च अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इतनी बड़ी लापरवाही ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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