Lakhimpur Kheri सपनों को मिले पंख: रचना अग्रवाल ने लखीमपुर-खीरी में खड़ा किया पास्ता साम्राज्य, 10 परिवारों को दिया सहारा

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri उत्तर प्रदेश के लखीमपुर-खीरी जिले के संतोषनगर की रहने वाली रचना अग्रवाल आज उन हजारों महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं, जो घर की चारदीवारी से निकलकर कुछ बड़ा करने का जज्बा रखती हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर रचना ने न केवल खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि एक सफल उद्यमी के रूप में उभरकर समाज में नई पहचान भी कायम की है। उनके द्वारा शुरू किया गया मैकरोनी और पास्ता निर्माण का व्यवसाय आज पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय है।

योगी सरकार की योजना से मिला 25 लाख का संबल

Lakhimpur Kheri रचना अग्रवाल के मन में हमेशा से अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने की टीस थी। उनके इस सपने को धरातल पर उतारने के लिए प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ एक वरदान साबित हुई। वर्ष 2024 में उन्होंने इस योजना के तहत आवेदन किया और इंडियन बैंक के माध्यम से 25 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। विशेष बात यह रही कि इस कुल ऋण राशि पर उन्हें 35% की सब्सिडी भी मिली, जिससे उनके व्यवसाय की राह और भी आसान हो गई। रचना बताती हैं कि डीआईसी (DIC) कार्यालय और बैंक अधिकारियों के सहयोग से मात्र एक महीने के भीतर उन्हें वित्तीय सहायता मिल गई।

Lakhimpur Kheri स्वरोजगार से रोजगार तक का सफर

Lakhimpur Kheri व्यवसाय शुरू करना जितना चुनौतीपूर्ण था, उसे सफल बनाना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी थी। रचना ने अपने पति के सहयोग से लखीमपुर-खीरी में ही मैकरोनी और पास्ता बनाने की यूनिट स्थापित की। कड़ी मेहनत और गुणवत्ता पर ध्यान देने के कारण उनका उत्पाद जल्द ही बाजार में अपनी जगह बनाने लगा। आज उनका यह उद्यम न केवल लाभ कमा रहा है, बल्कि उन्होंने अपने साथ 10 अन्य लोगों को भी रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया है। रचना का मानना है कि मध्यम वर्ग के लिए सरकार की ऐसी प्रोत्साहन योजनाएं संजीवनी का काम करती हैं।

महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा: आत्मनिर्भरता की नई मिसाल

Lakhimpur Kheri रचना अग्रवाल की यह कहानी केवल एक व्यापारिक सफलता नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण का एक जीता-जागता उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देते हुए रचना कहती हैं कि सही दिशा और सरकारी योजनाओं के सही उपयोग से कोई भी महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सफलता कदम चूमती है। आज वह अपने क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने और आत्मसम्मान के साथ जीने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

Read this: Opium Cultivation Controversy: अफीम की खेती को लेकर सियासत तेज, कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार

Harappan Civilization : सिंधु (हड़प्पा) सभ्यता पर भारत और पाकिस्तान के अलग नजरिए

Harappan Civilization : दुनिया की सबसे रहस्यमयी सभ्यताओं में क्यों शामिल है

Emergency 1975 : आपातकाल का सच, यदि वो कठोर कदम न उठता, तो क्या होता?

Emergency 1975 : आपातकाल की पृष्ठभूमि और उस दौर की चुनौतियां (डॉ

ICAI CA Intermediate Result 2026 जारी, ऐसे करें स्कोरकार्ड डाउनलोड; पास प्रतिशत और मेरिट लिस्ट भी उपलब्ध

ICAI CA Intermediate Result 2026 : नई दिल्ली। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स

Plastic Pollution Awareness: हल्द्वानी की महिलाएं बनीं पर्यावरण संरक्षण की मिसाल

Plastic Pollution Awareness: जूट बैग और कूड़ा पृथक्करण के जरिए प्लास्टिक के

Atlas Moth: 99% लोग खा गए धोखा! सांप नहीं, निकला कुदरत का अद्भुत जीव

Atlas Moth: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर ने लोगों को किया हैरान