रिपोर्टर – विशाल दुबे
Ujjain उज्जैन अब केवल आस्था की नगरी ही नहीं, बल्कि खेल जगत के एक बड़े केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को नानाखेड़ा स्थित स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में 48.71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी टर्फ का शिलान्यास किया। इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश का नाम रोशन कर सकें।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स पर सरकार की नजर
Ujjain मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एक बड़ा विजन साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के कुछ मुकाबलों की मेजबानी उज्जैन में कराने का है। उन्होंने विश्वास जताया कि मिट्टी के मैदानों से निकलकर अब खिलाड़ी जब आधुनिक सिंथेटिक टर्फ पर अभ्यास करेंगे, तो वे मेजर ध्यानचंद जैसी खेल कुशलता हासिल कर सकेंगे। यह टर्फ उज्जैन को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।
सिर्फ खेल ही नहीं, सुविधाओं का भी होगा कायाकल्प
Ujjain इस 49 करोड़ के बजट का उपयोग केवल हॉकी टर्फ के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण खेल परिसर के बुनियादी ढांचे को सुधारने में किया जाएगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के इस प्रोजेक्ट के तहत यहाँ भव्य हॉकी और एथलेटिक्स पवेलियन बनाए जाएंगे। साथ ही, परिसर के भीतर नई सड़कों का जाल, पार्किंग की सुगम व्यवस्था और सुरक्षा के लिए मजबूत कंपाउंड वॉल का निर्माण भी मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा किया जाएगा।
युवा प्रतिभाओं के लिए नया सवेरा
Ujjain कार्यक्रम के दौरान सांसद अनिल फिरोजिया ने ‘खेलो इंडिया’ अभियान की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि छोटे शहरों के युवाओं को अब अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इस नए हॉकी हब के बनने से मालवा क्षेत्र के हजारों खिलाड़ियों को एक ऐसा मंच मिलेगा जहाँ वे अपनी तकनीक और स्टेमिना को पेशेवर तरीके से सुधार सकेंगे। दीप प्रज्वलन और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच हुए इस भूमिपूजन में शहर के कई गणमान्य नागरिक और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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